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वाराणसी: 12 वर्षीय दिव्यांग बच्ची से बर्बरता और मारपीट, ग्राम प्रधान समेत 6 पर केस दर्ज करने का कोर्ट का आदेश

चौबेपुर के गौरा उपरवार का मामला: बकाया रुपये मांगने पर भड़का विवाद, SC/ST कोर्ट के आदेश पर एक्शन

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): चौबेपुर थाना क्षेत्र के गौरा उपरवार में बकाया पैसों के लेनदेन से शुरू हुए विवाद में एक 12 वर्षीय दिव्यांग बच्ची के साथ अनुचित व्यवहार और परिजनों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए वाराणसी की विशेष न्यायाधीश (SC/ST) सुधाकर राय की अदालत ने चौबेपुर के ग्राम प्रधान समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का सख्त आदेश दिया है।

कर्ज के बकाया पैसों को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौबेपुर क्षेत्र के गौरा उपरवार निवासी रुबी गोड़ के पति ने यशराज यादव नामक व्यक्ति को 10 हजार रुपये का कर्ज दिया था। यशराज ने इसमें से सात हजार रुपये दो किस्तों में लौटा दिए थे। जब पीड़िता के पति ने शेष तीन हजार रुपये की मांग की, तो यशराज ने उन्हें पैसों के सिलसिले में बात करने के लिए अपनी गोशाला पर बुलाया।

प्रधान ने की बदसलूकी, घर में घुसकर मारपीट

गोशाला पहुंचने पर यशराज ने पीड़िता के पति से स्थानीय ग्राम प्रधान राघवेंद्र जायसवाल उर्फ गोलू से बात करने को कहा। जब पीड़िता के पति ने प्रधान से बात करने से इनकार कर दिया, तो इससे बौखलाए प्रधान राघवेंद्र जायसवाल उर्फ गोलू और उनके साथी सोनू जायसवाल पीड़िता के घर जा पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने परिजनों के साथ गाली-गलौज करते हुए जमकर मारपीट की।

दिव्यांग बच्ची से बर्बरता

पीड़िता रुबी गोड़ ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान आरोपी ग्राम प्रधान राघवेंद्र जायसवाल ने उनकी 12 वर्षीय दिव्यांग बेटी को बुरी नीयत से चारपाई पर पटक दिया और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया।

अदालत ने दिए कड़े निर्देश

पुलिस स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायाधीश (SC/ST) सुधाकर राय की अदालत ने चौबेपुर पुलिस को ग्राम प्रधान राघवेंद्र जायसवाल उर्फ गोलू, शिवेन्द्र जायसवाल उर्फ शनि, आयुष जायसवाल, अंश जायसवाल, प्रीत जायसवाल और आकाश कुमार गुप्ता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया है।