वाराणसी: नेहिया में झंडा विवाद के बाद पुलिस पर पथराव करने वाले 4 उपद्रवी गिरफ्तार, ACP सहित कई हुए थे घायल
गांव में पीएसी और कई थानों की पुलिस तैनात, स्थिति नियंत्रण में, बाबा बटुक भैरव नाथ गेट पर ध्वज लगाने को लेकर भड़की हिंसा
वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में बाबा बटुक भैरव नाथ गेट पर झंडा और पोस्टर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया। शुक्रवार को उपद्रवियों द्वारा किए गए पथराव में एसीपी सारनाथ समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए लाठी पटककर भीड़ को खदेड़ा और अब तक चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा विवाद?
घटना की शुरुआत 16 अप्रैल को हुई थी, जब गांव के प्रवेश द्वार पर झंडे और पोस्टर लगाने को लेकर दो पक्षों में ठन गई। उस समय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की सहमति से स्थिति को शांत करा दिया था। लेकिन शनिवार, 17 अप्रैल को कुछ अराजक तत्व फिर से इकट्ठा हो गए। जब पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे, तभी भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया।
एसीपी और पुलिसकर्मी हुए चोटिल
अराजक तत्वों द्वारा किए गए इस हमले में एसीपी सारनाथ के साथ-साथ एक दरोगा और सिपाही को चोटें आईं। घायलों का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसे काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
4 गिरफ्तार, 50 अज्ञात पर मुकदमा
गोसाईपुर चौकी प्रभारी विपिन पाण्डेय की तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और हिंसा फैलाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रदीप कुमार (सिंधोरा), निखिल कुमार (नेहिया), राजकुमार (भोपापुर) और अजित कुमार (औरा) शामिल है।
छावनी में तब्दील हुआ गांव
गांव में दोबारा हिंसा न भड़के, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। नेहिया गांव में लालपुर-पांडेयपुर और शिवपुर थाना प्रभारी के साथ पीएसी की टुकड़ी तैनात कर दी गई है। मामले की विवेचना उप-निरीक्षक जगदीश सिंह कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।