वाराणसी: गैंगस्टर एक्ट के 18 साल पुराने मामले में 3 आरोपी बरी, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने दिया संदेह का लाभ
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सुशील कुमार खरवार की अदालत ने मुन्नू तिवारी, महेश पुरोहित और सानू उर्फ नाजिम को किया दोषमुक्त; बचाव पक्ष की दलीलों को कोर्ट ने माना।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) की ओर से एक बड़ा फैसला सामने आया है। गैंगस्टर एक्ट के करीब 18 साल पुराने मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी (दोषमुक्त) कर दिया है।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) सुशील कुमार खरवार की अदालत ने सुनाया। दोषमुक्त किए गए आरोपियों में नारायणपुर (लंका) निवासी मुन्नू तिवारी, त्रिपुरा भैरवी (दशाश्वमेध) निवासी महेश पुरोहित और हड़हा सराय (चौक) निवासी सानू उर्फ नाजिम शामिल हैं। अदालत में मुन्नू तिवारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पैरवी की।
क्या था 2008 का पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 8 फरवरी 2008 को तत्कालीन लक्सा थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि तत्कालीन पार्षद विजय वर्मा की हत्या के मामले में नामजद संतोष गुप्ता उर्फ कित्तुल, लालू वर्मा, सुरेंद्र पांडेय, सानू उर्फ नाजिम, महेश पुरोहित और मुन्नू तिवारी ने मिलकर एक संगठित गिरोह बना लिया है।
आरोप लगाया गया था कि यह गिरोह वाराणसी, भदोही, चंदौली सहित आसपास के जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास और लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देकर अवैध आर्थिक व भौतिक लाभ कमाता है। इसके बाद जिलाधिकारी की संस्तुति पर लक्सा थाने में सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अदालत में बचाव पक्ष की दलीलें और फैसला
मुकदमे के विचारण (ट्रायल) के दौरान बचाव पक्ष के वकील अनुज यादव ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि:
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गैंगचार्ट में जिन दो मुकदमों का उल्लेख किया गया था, उनमें आरोपी पहले ही दोषमुक्त (बरी) हो चुके हैं।
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अभियोजन पक्ष के पास आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धाराओं को साबित करने के लिए कोई ठोस या सीधा साक्ष्य नहीं है।
पत्रावली और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों पर लगे आरोपों को साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। इसके बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए मुकदमे से पूरी तरह बरी कर दिया।