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वाराणसी : काशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

मंदिर और जिला प्रशासन ने कसी कमर, सुरक्षा और सुविधाजनक दर्शन के मुकम्मल इंतजाम का दावा

 

मंदिर प्रशासन पर स्थानीय दर्शनार्थियों की उपेक्षा और बाहरी को तवज्जों देने के लगते रहे आरोप

स्थानीय दर्शनार्थियों का समूह आज भी उपेक्षा के खिलाफ चला रहा मुहिम

वाराणसी, भदैनी मिरर। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर काशी विश्वनाथ धाम में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए इस वर्ष 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने मिलकर सुरक्षा, व्यवस्था और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बातचीत में बताया कि महाशिवरात्रि पर बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और श्रद्धालुओं को लगातार दर्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी। महाशिवरात्रि की रात्रि में चार पहर की आरती होगी। इसमें सप्तऋषि आरती, श्रृंगार भोग आरती, शीतकालीन आरती और शयन आरती शामिल हैं। बताया कि इस बार देशभर के विभिन्न प्रमुख मंदिरों से बाबा विश्वनाथ के लिए उपहार प्राप्त हो रहे हैं। मां वैष्णो देवी धाम, सिद्धिविनायक मंदिर, प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर सहित दक्षिण भारत के 26-27 मंदिरों से भी भेंट भेजी गई है। मथुरा से भी विशेष उपहार प्राप्त हुआ। इसे डमरू वादन के साथ स्वीकार किया गया। मंदिर प्रशासन की ओर से भी इन मंदिरों को प्रतिउपहार भेजे जा रहे हैं। एक विशेष नवाचार के तहत देवताओं को आमंत्रित करने के लिए एक विशेष मंत्र की रचना की गई है, जिसका काशी विद्वत परिषद के मार्गदर्शन में पाठ किया जा रहा है।

महाशिवरात्रि पर प्रोटोकॉल दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए पांच मुख्य द्वार निर्धारित किए गए हैं, जिनसे प्रवेश कर दर्शन कराया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा ने बताया कि मंडलायुक्त और पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। नगर के प्रमुख शिवालयों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों तक पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से निगरानी रहेगी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए थे। इस वर्ष संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पेयजल, ग्लूकोज, छाया और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जा रही है। हालांकि श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में सुविधाजनक दर्शन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष खयाल रखने के दावे होते हैं। लेकिन बाहरी और स्थानीय दर्शनार्थियों में भेदभाव बरतने के मंदिर प्रशासन पर आरोप लगते रहे हैं। स्थानीय दर्शनार्थी और बाबा के भक्त इसके खिलाफ मुहिम चलाये हुए है। उनकी उपेक्षा का आरोप अब भी कायम है।