UP SI Exam : ‘पंडित’ वाले सवाल पर वाराणसी में विरोध, युवा अधिवक्ताओं ने की पुलिस भर्ती बोर्ड का पुतला फूंकने की कोशिश
दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्न को लेकर बढ़ा विवाद; जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े सवाल को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। इस मुद्दे पर प्रदेश के कई हिस्सों में आक्रोश देखा जा रहा है।
सोमवार को Varanasi में युवा अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय के गेट पर प्रदर्शन करते हुए Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board के खिलाफ पुतला फूंकने की कोशिश की।
पुलिस ने पुतला छीनकर रोका प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। बताया गया कि Uttar Pradesh Police के एसीपी कैंट और इंस्पेक्टर कैंट ने अधिवक्ताओं के हाथ से पुतला छीन लिया और प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कुछ देर तक जिला मुख्यालय के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
‘पंडित’ शब्द को लेकर उठे सवाल
दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में एक सवाल पूछा गया था जिसमें “अवसरवादी किसे कहते हैं” के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द भी शामिल बताया जा रहा है। इसी को लेकर कई संगठनों और लोगों ने इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।
समाजवादी पार्टी नेता ने सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष Alok Saurabh Pandey ने कहा कि इस तरह का सवाल पूछना बेहद आपत्तिजनक है और इससे समाज में जातीय तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का प्रश्नपत्र तैयार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसे सवाल भविष्य में दोबारा नहीं आने चाहिए।
अधिवक्ताओं ने बताया ब्राह्मण समाज का अपमान
प्रदर्शन में शामिल एक अन्य अधिवक्ता ने कहा कि भारतीय इतिहास में ब्राह्मणों और पंडितों को हमेशा विद्वान और सम्मानित माना गया है। उनका कहना था कि किसी जाति विशेष को इस तरह के संदर्भ में जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और भर्ती बोर्ड से मांग की है कि इस सवाल को तैयार करने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो विरोध और तेज किया जाएगा।