UP OBC List: उत्तर प्रदेश में पवरिया/पमरिया जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की कवायद तेज
सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ापन बनी वजह; राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने साक्ष्य और मौखिक कथन के लिए बुलाई बैठक
भदैनी मिरर: उत्तर प्रदेश में मुस्लिम पवरिया/पमरिया जाति को राज्य की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल करने को लेकर प्रशासनिक और संवैधानिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी पत्रांक संख्या 4008/22 - शो०प्र०-9/2003/रा०पि०व०आ०/2026 के क्रम में इस समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग की अनुमन्य सूची में सम्मिलित करने संबंधी प्रत्यावेदन पर विचार किया जा रहा है।
सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति अत्यंत दयनीय
प्रत्यावेदन में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, पवरिया/पमरिया समुदाय के लोग उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में लगभग 5 हजार से 20 हजार की आबादी में निवास करते हैं। देश के अन्य राज्यों में भी पाई जाने वाली इस जाति की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्थिति बेहद दयनीय है। विकास के मुख्य आधारों से दूर इस समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने और उत्थान के लिए आयोग में मामला विचाराधीन है।
आयोग के समक्ष हुई महत्वपूर्ण सुनवाई
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (तृतीय तल, इंदिरा भवन, अशोक मार्ग, लखनऊ) के कक्ष संख्या 315 में इस प्रकरण को लेकर सुनवाई की प्रक्रिया आयोजित की गई। इसमें पवरिया/पमरिया जाति को OBC सूची में शामिल करने के पक्ष में साक्ष्य और मौखिक कथन प्रस्तुत किए गए।
2013 के सर्वेक्षण को बनाया गया आधार
उल्लेखनीय है कि पवरिया/पमरिया जाति की आबादी और उनकी वास्तविक स्थिति का अध्ययन करने के लिए पत्रांक 2377/22-शो०प्र०-1/रा०पि०व०आ०/2012 के तहत पूर्व में 24 जून 2013 को उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख जिलों को चिह्नित कर आयोग की जांच टीम द्वारा सर्वेक्षण कराया गया था। उसी सर्वे और ताजा आंकड़ों के आधार पर अब अंतिम निर्णय लिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
क्या आप इस खबर में राज्य सरकार या आयोग के किसी वरिष्ठ अधिकारी का पक्ष अथवा आगे की प्रक्रिया से जुड़ा कोई अपडेट शामिल करना चाहते हैं?