यूपी कॉलेज हत्याकांड: लंगड़ाते कोर्ट पहुंचा हत्यारोपी मंजीत , भेजा गया जेल-साथी की तलाश
मोहित का साथी अब भी फरार, घटना के विरोध में छात्र नेताओं ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी,भदैनी मिरर । शिवपुर स्थित यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के दूसरे दिन शनिवार को भी कैंपस का माहौल तनावपूर्ण और सन्नाटा भरा रहा। पूरे परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस बीच हत्या के मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पेशी के दौरान मंजीत लंगड़ाते हुए कोर्ट पहुंचा और पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
हत्या के बाद कॉलेज में दूसरा दिन भी सुनसान
घटना के बाद से छात्र कैंपस में कम दिखे और कई विभागों में कक्षाएं प्रभावित रहीं। परिसर में तैनात PAC और पुलिस बल दिनभर गश्त करता रहा।
छात्र नेताओं ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
हत्या से नाराज़ छात्र संगठनों ने शनिवार को एडीएम सिटी और डीसीपी गोमती को ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगें—
1. मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराई जाए।
2. मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवज़ा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
3. थाना प्रभारी रामनगर को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
4. कॉलेज प्राचार्य का स्थानांतरण किया जाए।
छात्रों ने इसे गंभीर सुरक्षा विफलता बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
आरोपी इंस्टाग्राम पर खुद को ‘मंजीत माफिया’ बताता था
जांच में सामने आया कि आरोपी मंजीत अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर खुद को दबंग और ‘मंजीत माफिया’ के नाम से पेश करता था। हत्या से एक दिन पहले उसने पिस्टल इमोजी के साथ यह टैगलाइन अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में पोस्ट भी की थी। उसके सोशल मीडिया पोस्ट्स में लगातार मनबढ़ई, धमकियां और गैंग-स्टाइल फोटो नजर आते हैं। उसके खिलाफ शिवपुर थाने में मारपीट का केस पहले से दर्ज था।
चार गोलियां-नज़दीक से की गई हत्या, पुलिस बोली: ठोस साजिश
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या पूरी तैयारी के साथ की गई। पहले दो गोलियां सूर्य प्रताप के सीने में मारी गईं। गिरने के बाद आरोपी ने सिर में दो गोलियां दागीं। पुलिस के मुताबिक मंजीत तब तक फायर करता रहा जब तक वह सुनिश्चित नहीं हो गया कि सूर्य प्रताप की मौत हो चुकी है।
घटनास्थल से बरामद—खोखे, कारतूस और फेंकी गई देसी पिस्टल
मौके से .32 बोर के दो खोखे, एक कारतूस और फर्श पर पड़ा देसी पिस्टल का स्प्रिंग मिला। भवन के पिछले हिस्से के कचरे के ढेर में पुलिस को वारदात में इस्तेमाल देसी पिस्टल भी बरामद हुई है। स्प्रिंग बाहर निकलने से साफ है कि पिस्टल अवैध और तकनीकी रूप से कमजोर थी।
“सुबह हुई पिटाई का बदला लेने गया था”—मंजीत का कबूलनामा
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि सुबह सूर्य प्रताप और उसके साथियों ने उसकी पिटाई की थी। सिर पर कड़े से वार किया गया था। दोनों गुटों में पुरानी रंजिश पहले से थी। एक गुट मोहित चौहान का लोकल लड़कों का था, तो दूसरा मृतक सूर्य प्रताप सिंह का हॉस्टल लड़कों का था। दोनों गुटों में पहले भी कई बार मारपीट हुई थी।
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल मंजीत का एक साथी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।