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UP-APICON 2026: मिर्गी, हीमोफीलिया, क्रोनिक डायरिया से लेकर सिरदर्द तक... वाराणसी में देश के डॉक्टर खोजेंगे गंभीर बीमारियों के सटीक इलाज

26 और 27 सितंबर को रोहनिया में आयोजन; BHU वीसी प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी होंगे मुख्य अतिथि, पद्मश्री प्रो. कमलाकर त्रिपाठी और प्रो. श्याम सुंदर का होगा सम्मान

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। सांस्कृतिक एवं ज्ञान की नगरी काशी में एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (UP API) के उत्तर प्रदेश चैप्टर का 43वां वार्षिक सम्मेलन - UP APICON 2026 का आयोजन 26 और 27 सितंबर 2026 को किया जा रहा है। इस दो दिवसीय प्रतिष्ठित चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन रोहनिया/जगतगंज स्थित होटल लेमन ट्री एवं गोकुल धाम बैंक्वेट हॉल में किया जा रहा है। वहीं, सम्मेलन से एक दिन पूर्व 25 सितंबर को प्री-कॉन्फ्रेंस CME (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) का सफल आयोजन किया गया।


इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) “Precision, Prevention and Progress in Internal Medicine” (परिशुद्धता, रोकथाम और आंतरिक चिकित्सा में प्रगति) रखा गया है।

सम्मेलन के संबंध में विस्तृत जानकारी देने के लिए शुक्रवार (25 सितंबर) को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल चिकित्सालय स्थित टेलीमेडिसिन सेंटर के सेमिनार हॉल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए UP APICON 2026 के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन प्रो. (डॉ.) के. के. गुप्ता (डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन, BHU) ने बताया कि यह UP चैप्टर की एक बेहद प्रतिष्ठित कॉन्फ्रेंस है। उनके साथ सह-आयोजन अध्यक्ष प्रो. जया चक्रवर्ती, आयोजन सचिव प्रो. एल. पी. मीना, जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. अरुण कुमार सिंह (कोषाध्यक्ष) और साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ. नीलेश कुमार सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने मिलकर इस आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।

देशभर से जुटेंगे 800 से अधिक विशेषज्ञ

इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, उत्तराखंड, बिहार सहित देश के कई राज्यों से 800 से अधिक डेलीगेट्स, प्रख्यात चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षक और शोधकर्ता प्रतिभाग करेंगे। सम्मेलन में आयोजित वर्कशॉप, लेक्चर और प्रश्नोत्तरी सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञ अपने अनुभव और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को साझा करेंगे।

किन-किन मुख्य विषयों पर होगा मंथन?


सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में कई गंभीर और समकालीन स्वास्थ्य चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा होगी:

 * डायबिटीज व लिपिड डिसऑर्डर: मरीजों के खान-पान (क्या खाएं, क्या न खाएं) तथा डायबिटीज की आधुनिक दवा Semaglutide पर विशेष चर्चा।
 * हार्ट फेलियर: शुरुआती चरण में ही हार्ट फेलियर को डायग्नोस (पहचान) करने की तकनीकों पर मंथन।
 * इन्फेक्शन कंट्रोल: वर्तमान समय में संक्रमण की पहचान, उसकी रोकथाम और सटीक उपचार।
 * हीमोफीलिया A व क्रोनिक डायरिया: हीमोफीलिया A की देखरेख तथा दीर्घकालिक दस्त (क्रोनिक डायरिया) के आधुनिक इलाज पर बात।
 * गठिया एवं हेमेटोलॉजी: एम्स की हेमेटोलॉजी प्रोफेसर उमा द्वारा लिखित पुस्तक का लोकार्पण और गठिया रोग पर उनका व्याख्यान।
 * सिरदर्द (Headache) व मिर्गी: BHU न्यूरोलॉजी की विशेष टीम द्वारा सिरदर्द पर सत्र और मिर्गी रोग पर विशेषज्ञों का व्याख्यान।
 * यात्रा संबंधी बीमारियां: ट्रेवल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर विशेषज्ञों का विचार-विमर्श।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी उपस्थित रहेंगे। वहीं, विशिष्ट अतिथियों के रूप में 
प्रो. जी. नर्सिमुलु (राष्ट्रीय अध्यक्ष, API) और प्रो. एस. एन. सांखवार (निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, BHU) होंगे।
इसके अलावा, प्रो. ज्योतिर्मय पाल (पूर्व अध्यक्ष API), डॉ. संजय टंडन (चेयरमैन, UP API) और डॉ. रिचा गिरी (चेयरमैन इलेक्ट, UP API) सहित संगठन के कई वरिष्ठ अधिकारी व प्रमुख चिकित्सक उपस्थित रहेंगे।


पद्मश्री प्रो. कमलाकर त्रिपाठी और प्रो. श्याम सुंदर का होगा सम्मान
समारोह के उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा एवं जन-स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले देश के प्रख्यात चिकित्सकों- पद्मश्री प्रोफेसर कमलाकर त्रिपाठी एवं प्रोफेसर श्याम सुंदर का विशेष सम्मान होगा। दोनों विभूतियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मंच से सम्मानित किया जाएगा।