Varanasi Fraud News: ट्रैवल एजेंसी की आड़ में ₹2 करोड़ की ठगी, होटल मैनेजर हिमांशु गुप्ता गिरफ्तार
लंका थाना क्षेत्र से गिरफ्तारी, फर्जी दस्तावेजों से किराए की गाड़ियां बेचकर करता था करोड़ों का खेल, कानपुर समेत कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
वाराणसी, भदैनी मिरर। ट्रैवल एजेंसी की आड़ में करोड़ों की ठगी करने वाले शातिर आरोपी हिमांशु गुप्ता को लंका थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी मूल रूप से दिल्ली के सफदरजंग का रहने वाला है और रोहित नगर (लंका) में फ्लैट लेकर रह रहा था। वह वाराणसी के एक होटल में मैनेजर की नौकरी करते हुए पर्यटकों का मजबूत नेटवर्क खड़ा कर चुका था।
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने लंका थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी ने ट्रैवल एजेंसी के नाम पर कानपुर सहित अन्य जिलों से कई वाहन हायर किए थे। वाहन मालिकों को वह हर महीने तय रकम देता था, जिससे भरोसा बना रहा। इसके बाद फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर उन्हीं गाड़ियों को सस्ते दामों में बेच दिया।
गाड़ी ट्रांसफर के समय खुली पोल
जब वाहन मालिकों ने गाड़ी ट्रांसफर कराने की कोशिश की, तब उन्हें हिमांशु की ठगी का पता चला। इसके बाद लंका थाने में एक सप्ताह के भीतर 9 मुकदमे दर्ज हुए। वहीं, आरोपी के खिलाफ पहले से ही कानपुर के चकेरी थाने में 3 केस दर्ज हैं।
करीब ₹2 करोड़ का हेरफेर
पुलिस के मुताबिक अब तक करीब ₹2 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है। पूछताछ में हिमांशु गुप्ता ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि लालच में आकर उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए कई लोगों की गाड़ियां बेच दीं।
गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई तय
एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। अपराध से अर्जित संपत्ति को सीज किया जाएगा। साथ ही इस गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। नेटवर्क का पता चलते ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
लंका और कानपुर कमिश्नरेट में हिमांशु गुप्ता के खिलाफ कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज का इस्तेमाल और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं।
हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार, चौकी प्रभारी नगवां अभिषेक सिंह, कांस्टेबल कमल सिंह और कांस्टेबल हृदय कुमार शामिल है।