बड़ागांव में 14 वर्षीय किशोर की हत्या में शामिल तीन शातिर बदमाश गिरफ्तार
हत्या का खुलासा न कर पाने के कारण पूर्व SO को किया जा चुका है लाइनहाजिर, घटना में शामिल थे 8 बदमाश, 5 की तलाश
25 दिसम्बर को बड़ागांव थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव के पास हुई थी समीर सिंह की हत्या, एक युवक को मारी गई थी गोली
बड़ागांव, चौबेपुर और रोहनिया के रहनेवाले हैं बदमाश, दारू पीकर लौटते समय दिया वारदात को अंजाम
वाराणसी, भदैनी मिरर। बड़ागांव थाना क्षेत्र में समीर सिंह को गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने तीन हत्यारोपितों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि इन हत्यारों ने अकारण 14 वर्षीय समीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर उसकी बाइक लूट ली थी। इस घटना का खुलासा न कर पाने के कारण तत्कालीन थाना प्रभारी को पुलिस कमिश्नर ने लाइन हाजिर कर दिया था। नये थाना प्रभारी की नियुक्ति के बाद घटना का खुलासा हो सका।
आपको बता दें कि 25 दिसम्बर को बड़ागांव थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव के पास शाम 6 से 7 बजे के बीच कुछ लोगों को रामू यादव और अभिषेक यादव से झगड़ा हो गया था। झगड़े के दौरान रामू यादव को गोली मार दी गई। बदमाशों ने भागते समय बालक समीर सिंह को भी गोली मार दी गई। इस घटना में समीर की मौत हो गई थी। जबकि रामू यादव गोली से घायल हो गया था। इलाज के बाद अब रामू ठीक है। इस मामले में मृतक समीर सिंह के परिजनों की तहरीर पर बड़ागांव पुलिस ने धारा 191(3), 115(2), 352, 109(1), 103(1), 190 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस उपायुक्त गोमती जोन आकाश पटेल ने शुक्रवार को पुलिस लाईन स्थित सभागार में घटना का खुलासा किया। बताया कि घटना के खुलासे के लिए सहायक पुलिस आयुक्त पिण्डरा के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। यह ब्लाइंड मर्डर था क्योंकि मृतक और घायल व्यक्तियों में आपस में कोई संबंध नहीं था। इसलिए घटना का स्पष्ट कारण समझ में नही आ रहा था। घायलों से पूछताछ में भी उन्होंने अपराधियों की कोई पहचान नही बताई। उनका कहन था कि अचानक ही झगड़ा हो गया था। पुलिस पुरानी रंजिश या व्यावसायिक शत्रुता को घटना का कारण मानकर जांच कर रही थी। अचानक झगड़ा होने के संबंध में गैंगबाजी करने वाले लड़कों के एंगल पर भी काम किया जा रहा था।
घटनास्थल के आसपास निजी कैमरों की संख्या कम थी। ग्राम पंचायतों द्वारा लगाए गए कैमरों की संख्या पर्याप्त थी। परंतु यह सभी कैमरे सोलर कैमरा थे। घटना के पहले लगातार 4 दिन से धूप न निकलने के कारण सभी कैमरे घटना वाले दिन ही बंद हो गए थे। इस प्रकार घटना के संबंध में कोई मोटिव सामने नहीं आ पा रहा था। लगभग 100 सीसीटीवी कैमरा देखे गए। 100 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का उपयोग किया गया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आ पा रहा था। इसी दौरान घटनास्थल से कुछ दूर एक घर के निजी कैमरे में एक रिकॉर्डिंग मिली, लेकिन उसमें वीडियो स्पष्ट नहीं। लेकिन ऑडियो में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए। इसके आधार पर कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नाम प्रकाश में आए। इस आधार पर जांच आगे बढ़ी। इसके बाद घटना में शामिल बड़ागांव थाना क्षेत्र के ही खरहरिया वारी निवासी करन प्रजापति, कनियर नरायनपुर के प्रेमशंकर पटेल और खरावन गांव के शुभम मौर्य उर्फ लालू मौर्य को गिरफ्तार किया गया। इस घटना में शामिल पांच अन्य आरोपितों की पुलिस तलाश कर रही है। इनमें सभी अपराधी प्रवृत्ति के हैं और उनके खिलाफ रोहनिया और चौबेपुर थानों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। फरार बदमाशों में दांडीपुर चकखरावन गांव के पवन कुमार पाल, रोहनिया के आकाश पटेल, उगापुर के संदीप यादव, मनीष यादव और दीपक यादव की पुलिस तलाश कर रही है।
पूछताछ में हत्यारे करन, शुभम और प्रेमशंकर ने बताया कि हम तीनों साधोगंज निवासी पवन कुमार पाल, रोहनिया निवासी उसके रिश्तेदार आकाश पाल दोस्तों से मिलने 25 दिसम्बर को जंसा गए थे। वहां चौबेपुर क्षेत्र के उगापुर निवासी दोस्त संदीप यादव, मनीष यादव और दीपक यादव के साथ शराब पी। फिर वहां से हमलोग दो मोटरसाइकिलों से वापस साधोगंज की ओर जा रहे थे। दयालपुर गांव में एक बगीचे के पास पेशाब के लिए रुके। यही आकाश पाल के पैर में पीछे से आ रही एक गाड़ी, जिस पर दो लोग सवार थे, चढ़ गई। इस पर आकाश ने उन लोगों को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद हम सभी लोगों ने उन दोनों को पीटा। मारपीट के दौरान पिट रहे दोनों लड़कों ने शोर मचा दिया, जिससे गांव के कुछ लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए। इस पर भागने के उद्देश्य से गोली मारने के लिए हम लोगों ने ललकारा। तबतक संदीप ने एक लड़के पर गोली चला दी। गोली मारने के बाद हम 5 लोग दोनों मोटरसाइकिल लेकर बड़ागांव की और भागने लगे।
संदीप आदि के पास कोई मोटरसाइकिल नहीं था। तभी वहां से गुज़र रहे एक लड़के को गोली मारकर उसकी मोटरसाइकिल लूट ली और उसकी बाइक लेकर पांचों शिवाला की ओर भाग गये। पुलिस ने बताया कि हत्यारोपित दीपक यादव उर्फ कन्हैया के खिलाफ इससे पहले चौबेपुर थाने में दो मुकदमे दर्ज थे। संदीप यादव शातिर अपराधी है। इसके खिलाफ चौबेपुर और बड़ागांव थाने में गंभीर मामलों में एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। धौरहरा निवासी मनीष यादव के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में एक दर्जन से अधिक मुकदमे हैं। जबकि दांडीपुर चकखरावन गांव के पवन कुमार पाल के खिलाफ रोहनिया और बड़ागांव थानों में दस से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। रोहनिया क्षेत्र के एसएमएस. कॉलेज के पीछे रहनवाले आकाश पाल भी अपराधिक प्रवृत्ति का है। पुलिस उपायुक्त गोमती जोन ने इन अपराधियों को गिरफ्तार करनेवाली पुलिस टीम को ₹25,000 पुरस्कार की घोषणा की है।