काशी विद्यापीठ में इंफ्लुएंसर की पिटाई का 'सच' आया सामने; फेयरवेल पार्टी के दौरान भिड़ी थीं छात्राएं, यूनिवर्सिटी ने थमाया नोटिस
'चुप मोटी' कमेंट के बाद कैंपस बना था अखाड़ा, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने लगाया था कपड़े फाड़ने का आरोप।
वाराणसी (भदैनी मिरर): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP) के मानविकी संकाय में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर वैष्णवी और उनकी क्लासमेट्स के बीच हुई मारपीट के मामले में वाराणसी पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन का बड़ा बयान सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो और दावों की जांच के बाद सिगरा थाना पुलिस ने साफ किया है कि यह घटना स्नातक अंतिम वर्ष की छात्राओं के एक अनौपचारिक और व्यक्तिगत विदाई (फेयरवेल) कार्यक्रम के दौरान हुई थी।
विदाई कार्यक्रम में हुआ था विवाद, यूनिवर्सिटी ने जारी किया नोटिस
थाना सिगरा पुलिस द्वारा की गई जांच के अनुसार, आज दिनांक 22 मई 2026 को काशी विद्यापीठ के मानविकी संकाय परिसर में छात्राएं आपस में फेयरवेल मना रही थीं। इसी दौरान दो छात्राओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर से कुछ और छात्राएं भी इस विवाद में कूद पड़ीं, जिससे परिसर में हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस हाई-प्रोफाइल मामले का संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस प्रशासन से हुई वार्ता में यूनिवर्सिटी ने बताया कि इस मारपीट और विवाद में शामिल सभी छात्राओं को चिन्हित कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
इंफ्लुएंसर का आरोप- 'चुप मोटी' कहने पर सरेराह पीटा
इससे पहले, इंस्टाग्राम पर 'queen_of_hell18' नाम से मशहूर और 82 हजार फॉलोअर्स वाली मास कम्यूनिकेशन की छात्रा वैष्णवी ने अपनी क्लासमेट्स प्राची पांडेय (प्रिया) और ऐश्वर्या पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए थे। वैष्णवी का कहना था कि वह अपने तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा देकर बाहर निकल रही थीं, तभी एक छात्रा के कमेंट पर उन्होंने 'चुप मोटी' कह दिया था।
वैष्णवी ने रोते हुए आरोप लगाया था कि इसी बात से गुस्साकर लड़कियों ने उन्हें कैंपस में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उन्हें बदनाम करने के लिए उनके कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की गई। छात्राओं के बीच पुराना विवाद होने की बात भी सामने आ रही है।
मौके पर शांति व्यवस्था कायम, अभी तक नहीं मिली तहरीर
इस पूरे घटनाक्रम पर सिगरा थाना प्रभारी शिवकांत मिश्रा और कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बाद मौके पर पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है और कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अभी तक न तो विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से और न ही पीड़ित या आरोपी किसी भी छात्रा की ओर से कोई लिखित तहरीर (शिकायत) प्राप्त हुई है। पुलिस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तहरीर मिलने पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।