6 से 11 अप्रैल तक आयोजन, 2–5 अप्रैल तक भव्य रामायण सम्मेलन, पूजन, झांकी और अखंड रामायण गान से होगी शुरुआत
11 पद्म अवार्डी और 14 मुस्लिम कलाकार लगायेंगे हाजिरी
Mar 31, 2026, 01:04 IST
वाराणसी, भदैनी मिरर। संकट मोचन संगीत समारोह में इस वर्ष शास्त्रीय संगीत की कुल 45 प्रस्तुतियां होंगी। 103वें वर्ष के आयोजन में 11 पद्म अवार्डी और 14 मुस्लिम कलाकार आमंत्रित किए गए हैं। 6 से 11 अप्रैल तक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 7:30 बजे शुरू होगा। यह जानकारी संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र ने दी। तुलसी घाट पर सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि 10 दिवसीय हनुमत जयंती उत्सव की शुरुआत 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के दिन से हो जाएगी। 11 अप्रैल विविध धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इस बार समारोह की सबसे खास बात यह है कि 11 पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों के साथ-साथ पहली बार 14 मुस्लिम कलाकार भी हनुमान जी की स्तुति में अपनी प्रस्तुति देंगे। इससे काशी की गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। समारोह में कुल 45 मुख्य कलाकारों सहित 150 से अधिक कलाकार भाग लेंगे। विभिन्न विधाओं के कलाकार शास्त्रीय संगीत, गायन और वादन के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। हनुमान जयंती के अवसर पर 2 अप्रैल से 5 अप्रैल तक मंदिर परिसर में रामायण सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें देशभर से रामायण मंडलियां और मानस वक्ता भाग लेंगे। इस अधिवेशन में संत सीताराम महाराज सभापति के रूप में उपस्थित रहेंगे और श्रद्धालुओं को रामकथा का संदेश देंगे। 2 अप्रैल को सुबह 6 बजे से हनुमान जी की पूजन-आरती और भव्य झांकी निकाली जाएगी। इसके बाद श्रीरामायण पूजन और मानस का एकाह पाठ होगा। शाम को भजन-कीर्तन के साथ पूरी रात अखंड रामायण गान किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। सम्मेलन के दौरान 3 से 5 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक श्रीरामचरितमानस पर प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। संत और विद्वान श्रद्धालुओं को मानस के आध्यात्मिक और जीवनोपयोगी संदेशों से अवगत कराएंगे।
कार्यक्रम का विवरण
6 अप्रैल: पहली निशा
रूपवाणी संस्था की प्रस्तुति (नृत्य नाटिका), पं० राहुल शर्मा (संतूर), विघा लाल (कथक), एस आकाश (बांसुरी), विदुषी मालिनी अवस्थी (गायन), राहुल मिश्रा (एकल तबला), पं० हरविंदर शर्मा (सितार), शिखा भट्टाचार्या (कथक)।
7 अप्रैल: दूसरी निशा
पं० यू राजेश (मैण्डोलिन), पं० शिवमणि (ड्रम) पं० विश्व मोहन भट्ट (मोहन वीणा), श्री जरगाम अकरम खां (तबला), उस्ताद गुलाम अब्बास खां (गायन), पं० शुभ महाराज (एकल तबला), पं० कुशल दास (सितार), पं० रतन मोहन शर्मा (गायन)।
8 अप्रैल: तीसरी निशा
पं० उल्हास कशालकर (गायन), पं० विवेक सोनार (बांसुरी), विदुषी जसपिंदर नरुला (गायन), विदुषी कौशिकी चक्रवर्ती (गायन), पं० देवशीष भट्टाचार्या (गिटार), पं० महेश काले (गायन), पं० अलोक लाहिड़ी (सरोद)।
9 अप्रैल: चौथी निशा
पं० देवज्योती बोस (सरोद), कृतिया नरसिंह राणा (ओडिसी), पं० यू राजेश (मैंडोलिन), पं० अनूप जलोटा (गायन), पंडित सतीश व्यास (संतूर), अजय पोहनकर (गायन), पं० जयतीर्थ मेउंडी (गायन)।
10 अप्रैल: पांचवी निशा
पं० राम मोहन महाराज (कथक), पं० तेजेन्द्र नारायण मजुमदार (सरोद), पं० रोनू मजुमदार (बाँसुरी), विदुषी कंकणा बनर्जी (गायन), उस्ताद मसकूर अली खां (गायन)।
11 अप्रैल: छठी निशा
दिनांक 11 अप्रैल 2026 (शनिवार) छठवीं निशा
पं० रतिकांत महापात्रा (ओडिसी), मेहताब अली नियाजी (सितार), विदुषी कलापिनी कोमकली (गायन), शिराज अली खां (सरोद), पं० अभय रुस्तम सोपोरी (शतंतत्री मीणा), पं० हरीश तिवारी (गायन), उस्ताद शाकिर खां (सितार), पं० साजन मिश्र (गायन)।