वाराणसी: चौकाघाट में निर्माणाधीन दीवार गिरने से मचा हड़कंप, वीडीए बोली- दो बार सील की जा चुकी थी बिल्डिंग
सील तोड़कर चोरी-छिपे हो रहा था निर्माण, अब वीडीए कराएगा भवन स्वामी पर FIR
वाराणसी (भदैनी मिरर) : वाराणसी के चौकाघाट (हुकुलगंज सिकरौल) क्षेत्र में बुधवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक निर्माणाधीन अवैध बिल्डिंग की दीवार भरभरा कर बगल के रिहायशी मकान पर गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे एक व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा था, जिसे NDRF के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मुख्यालय के करीब 'काल' बनकर गिरी दीवार
यह हादसा 11 एनडीआरएफ मुख्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर हुआ। स्थानीय निवासियों ने जैसे ही दीवार गिरने की सूचना दी, उपमहानिरीक्षक (DIG) श्री मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम चंद मिनटों में आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुँच गई। शुरूआती सूचना में चार लोगों के दबे होने की बात कही गई थी, लेकिन टीम ने मौके पर पाया कि तीन लोग आंशिक चोट के साथ खुद बाहर निकल आए थे, जबकि एक व्यक्ति मलबे में बुरी तरह फंसा हुआ था। एनडीआरएफ की मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया है।
वीडीए (VDA) का सनसनीखेज खुलासा: दो बार सील हुई थी बिल्डिंग
हादसे के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति ने विभाग और स्थानीय तंत्र की पोल खोल दी है। वीडीए सचिव के अनुसार, श्री रामेश्वर तिवारी द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण किया जा रहा था। इस बिल्डिंग को 01 मई 2025 को पहली बार सील किया गया था और स्थानीय थाने की सुपुर्दगी में दिया गया था।
हैरानी की बात यह है कि सील होने के बाद भी चोरी-छिपे निर्माण जारी रहा, जिसके बाद 12 मार्च 2026 को इसे दोबारा सील किया गया। इसके बावजूद भवन स्वामी रात के अंधेरे में अवैध काम करा रहा था, जिसका नतीजा आज इस हादसे के रूप में सामने आया।
अब दर्ज होगी FIR, अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल
हादसे के बाद वीडीए प्रशासन जागा है और अवैध निर्माणकर्ता के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वीडीए सचिव ने चेतावनी दी है कि भविष्य में सील के उल्लंघन पर सीधी पुलिसिया कार्रवाई होगी। हालाँकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि थाने की अभिरक्षा में होने के बावजूद महीनों तक अवैध निर्माण कैसे चलता रहा?
एनडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर “आपदा सेवा सदैव सर्वत्र” के संकल्प को सिद्ध किया है और एक जान बचा ली।