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वाराणसी में सपा का अनोखा विरोध: हाथों में हथकड़ी बांधकर जिला मुख्यालय पहुंचे सपा कार्यकर्ता

दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज, अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और NEET पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे सपा नेता; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): राजधानी दिल्ली में नीट (NEET) परीक्षा धांधली को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में काशी की राजनीति गरमा गई है। सोमवार को वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जिला मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की।

हाथों में हथकड़ी पहनकर पहुंचे सपा कार्यकर्ता

प्रदर्शन का तरीका बेहद अनोखा और आक्रामक रहा। सपा कार्यकर्ता अपने हाथों में प्रतीकात्मक रूप से हथकड़ियां पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर/जिला मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी को कैद कर दिया गया है, इसलिए वे खुद को हथकड़ी लगाकर विरोध जता रहे हैं।

कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और NEET पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई।

पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन का हवाला देकर लिया हिरासत में

जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठे सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों में बैठाकर स्थानीय थाने भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धारा 144 और बिना प्रशासनिक अनुमति के प्रदर्शन करने के कारण यह निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

"छात्रों और विपक्ष की आवाज दबा रही सरकार" - सपा

पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान सपा नेताओं ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। सपा नेताओं ने कहा:

"देश का युवा और छात्र नीट पेपर लीक से परेशान है। जब छात्र और हमारे नेता अखिलेश यादव उनके हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकार पुलिस के दम पर उन्हें गिरफ्तार और प्रताड़ित करती है। लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने की यह नीति अब चलने वाली नहीं है।"

सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलता और पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक समाजवादी पार्टी का यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।