वाराणसी: शिवपुर यादव बस्ती में 3 महीने से आ रहा सीवर का बदबूदार पानी
'अधिकारी आते हैं, फोटो खींचते हैं और चले जाते हैं'— पांचो पांडवा कादीपुर के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
वाराणसी (भदैनी मिरर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को जहां एक तरफ स्मार्ट सिटी और 'स्वच्छ काशी-सुंदर काशी' बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शिवपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-9 स्थित पांचो पांडवा कादीपुर (यादव बस्ती) में पिछले तीन से चार महीनों से पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। क्षेत्र की करीब 3000 से 4000 की आबादी जलकल विभाग द्वारा सप्लाई किए जा रहे सीवर युक्त, काले और बदबूदार पानी को पीने को मजबूर है।
अधिकारियों पर सिर्फ 'फोटो खिंचवाने' का आरोप, समस्या जस की तस
स्थानीय युवा राहुल यादव चंदन ने भदैनी मिरर को बताया, "पिछले कई महीनों से घरों में जो पानी आ रहा है, उसमें से सीवर जैसी तेज बदबू आती है। समझ नहीं आ रहा कि सीवर की लाइन पानी की पाइपलाइन में कहां जॉइंट हो गई है। जब भी हम नगर निगम या जलकल विभाग के ऑफिस में शिकायत करने जाते हैं, तो अधिकारी कहते हैं कि टीम भेज रहे हैं। कर्मचारी यहां आते हैं, सीवर का ढक्कन खोलते हैं, मोबाइल से तस्वीरें खींचते हैं, नगर आयुक्त को रिपोर्ट भेजने का नाटक करते हैं और चले जाते हैं। समस्या का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।"
पानी खरीदकर जीने को मजबूर लोग, बीमार हो रहे बच्चे और मवेशी
बस्ती की रहने वाली संतारा देवी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "हम हर महीने जल विभाग को पानी का टैक्स (पैसा) समय पर देते हैं, लेकिन इसके बावजूद हमें नरक जैसा पानी मिल रहा है। कई महीनों से यह गंदा पानी पीने के कारण घर-घर में लोग बीमार पड़ रहे हैं। अब मजबूरी में बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।"
वहीं, बुजुर्ग बचाऊ लाल यादव ने बताया कि स्थिति इतनी बदतर है कि जानवर और मवेशी भी इस पानी को सूंघकर पीछे हट जाते हैं। मजबूरी में पशुओं को भी पानी छानकर पिलाना पड़ रहा है। दूषित पानी के लगातार इस्तेमाल से क्षेत्र में टाइफाइड, मलेरिया और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है और कई मासूम बच्चे लगातार दवाइयों के सहारे जी रहे हैं।
'मोदी जी के नाम पर जीत जाते हैं नेता, चुनाव के बाद नहीं दिखाते चेहरा'
स्थानीय जनता का गुस्सा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और पार्षद पर भी जमकर फूटा। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के पार्षद बलिराम कनोजिया चुनाव जीतने के बाद आज तक इस बस्ती में अपना चेहरा दिखाने नहीं आए। लोगों का कहना है कि जब भी उन्हें फोन किया जाता है, तो वे फोन तक नहीं उठाते और कभी बात हो भी जाए तो 'आकर देख लेंगे' कहकर टाल देते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा, "ये लोग सिर्फ पीएम मोदी के नाम पर वोट मांगकर जीत जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता को मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं करा पा रहे हैं।"
उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, जलकल विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर पांचो पांडवा कादीपुर क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की सुचारू व्यवस्था नहीं की गई, तो पूरी बस्ती के लोग सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल इस पूरे गंभीर मामले पर जलकल विभाग के किसी आला अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।