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बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के अवतरण दिवस पर 'क्रीं-कुण्ड' में गूंजेगी शहनाई; 55 जरूरतमंद जोड़ों का होगा सामूहिक विवाह

अघोर पंथ की पावन स्थली पर मनेगा अवतरण दिवस, सेवा और संकल्प का अनूठा संगम

 

वाराणसी: विश्व प्रसिद्ध अघोर पंथ की पावन तपोस्थली क्रीं-कुण्ड (रविन्द्रपुरी) में आगामी 1 मई, शुक्रवार को आध्यात्मिक उत्सव के साथ सामाजिक सेवा का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। अघोरेश्वर बाबा कीनाराम जी की सिद्धपीठ के वर्तमान पीठाधीश्वर बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम जी के अवतरण दिवस (जन्मदिवस) के अवसर पर इस वर्ष 55 जरूरतमंद नव युवक-युवतियों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा।

अघोर शोध एवं सेवा संस्थान की अनूठी पहल

इस पुनीत कार्य का आयोजन चिकित्सा, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी संस्था 'अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान' द्वारा किया जा रहा है। बुधवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में संस्था के प्रमुख व्यवस्थापक श्री अरुण सिंह और महिला मंडल की सदस्य व कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती रुबी सिंह ने विस्तृत जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि पीठाधीश्वर जी के अवतरण दिवस को सेवा कार्य के रूप में मनाते हुए उन परिवारों की सहायता की जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।

हल्दी से लेकर जयमाला तक: ये है कार्यक्रम की रूपरेखा

सामूहिक विवाह का आयोजन पूर्ण पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगा:

  • हल्दी कार्यक्रम: 1 मई को पूर्वाह्न 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।

  • विवाह समारोह: रात्रि 8:00 बजे से मध्य रात्रि तक विवाह की मुख्य रस्में निभाई जाएंगी।

  • प्रसाद वितरण: विवाह संपन्न होने के पश्चात सभी आगंतुकों और भक्तों के बीच प्रसाद वितरण होगा।

मिलेगा पीठाधीश्वर का आशीर्वाद

इस मांगलिक अवसर पर अघोर पीठ के पीठाधीश्वर बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम जी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वे न केवल नवविवाहित जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद प्रदान करेंगे, बल्कि वहां मौजूद देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को भी अपने दर्शन व आशीष से अनुगृहीत करेंगे।

मीडिया प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अघोर पीठ की परंपरा के अनुसार, यह आयोजन ऊंच-नीच और भेदभाव से परे मानवता की सेवा को समर्पित है।