{"vars":{"id": "125128:4947"}}

SIR के दूसरे चरण में गंभीर अनियमितताएं, पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ ADM सप्लाई से मिले कांग्रेसी

प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने वोट जिहाद बताकर किया था सवाल

 

कांग्रेस ने सरकार की करनी और मानसिकता पर उठाये सवाल

वाराणसी, भदैनी मिरर। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के नाम पर व्यापक गड़बड़ी और दबाव के मामले को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से शुक्रवार को जिलाधिकारी की उपस्थिति में एडीएम सप्लाई को ज्ञापन सौंपा गया। 

शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र (388) में चल रहे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के द्वितीय चरण में गंभीर अनियमितताओं और पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के आरोप लगाते हुए महानगर कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी की उपस्थिति में एडीएम सप्लाई से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में 451 बूथों पर कराए गए मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा उठाए जा रहे सवाल, भाजपा की कथनी और करनी के बीच के गहरे अंतर को उजागर करते हैं। जब प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है। पूरा प्रशासन उसी के अधीन काम कर रहा है, तब मतदाता सूची में हुई किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सीधी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों की बनती है। कहाकि एसआईआर के नाम पर लगातार गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कहीं पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, कहीं वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है और कहीं प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता का अभाव है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से घबरा चुकी है और अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भ्रम फैलाने का सहारा ले रही है।

मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा ‘वोट जिहाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग कर काशी में हिंदू-मुसलमान करने की कोशिश अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल है। यह संत कबीर और नजीर की विचारधारा की धरती है, मां गंगा की नगरी है और भगवान विश्वनाथ की पावन काशी है। यहां नफरत, विभाजन और सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है। मंत्री रविंद्र जायसवाल के ऐसे मंसूबों को काशी की जनता कभी सफल नहीं होने देगी। यहां के मतदाता, काशी के प्रबुद्धजन और समस्त काशीवासी एकजुट होकर लोकतंत्र, भाईचारे और संविधान की रक्षा के लिए खड़े हैं। कांग्रेस महानगर कमेटी जिला प्रशासन से मांग करती है कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दुरुस्त कराया जाय। किसी भी मतदाता का नाम जाति, धर्म या राजनीतिक कारणों से न काटा जास और न ही जोड़ा जाय। पूरे पुनरीक्षण कार्य की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाय, ताकि मताधिकार जैसे संवैधानिक अधिकार के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो। कहाकि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में काशी के मतदाता, काशी के प्रबुद्ध जन और काशीवासी एकजुट होकर इस निकम्मी, विफल और जनविरोधी भाजपा सरकार की विदाई काशी की पावन धरती से सुनिश्चित करेंगे। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करती रहेगी।

साथ ही कहाकि कांग्रेस पार्टी को विश्वसनीय सूत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है कि एसआईआर के द्वितीय चरण में सत्ता के दबाव में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा नियमों को दरकिनार कर मतदाता सूची में नाम काटने की कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से मुस्लिम क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम संशोधन के नाम पर हटाए जा रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रिंटेड फॉर्म-7 के माध्यम से मुस्लिम क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य समाज के मतदाताओं के नाम भी बड़े पैमाने पर काटे जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। SIR के द्वितीय चरण का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, वाराणसी अभी भी अधूरा है। इसके बावजूद 6 तारीख को काम समाप्त दिखाया जा रहा है, जबकि नियमानुसार एक माह का अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए। कहा गया है कि बूथ लेवल अधिकारियों पर ऊपर से दबाव बनाया जा रहा है, जिसके कारण वे जनता के सवालों का स्पष्ट उत्तर नहीं दे पा रहे हैं और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। महानगर कांग्रेस कमेटी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तत्काल पारदर्शी, निष्पक्ष और दबाव-मुक्त बनाया जाय। किसी भी मतदाता का नाम बिना ठोस कारण और वैधानिक प्रक्रिया के न काटा जाय। साथ ही पूरे एसआईआर कार्य की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, ताकि मताधिकार जैसे संवैधानिक अधिकार का हनन न हो। प्रतिनिधिमंडल में :राघवेन्द्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू, अशोक सिंह, हसन मेहदी कब्बन, लोकेश सिंह, संतोष चौरसिया, मनोज वर्मा, विपिन पाल, अब्दुल हमीद डोडे, विनीत चौबे, मनोज पाण्डेय, वीरेन्द्र पंडित, बदरे आलम, साबिर अली, कल्पनाथ शर्मा, रामजी गुप्ता आदि रहे।