{"vars":{"id": "125128:4947"}}

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में SDM पर लगा दर्शनार्थी से दुर्व्यवहार का आरोप, गालियां देकर किया अपमानित

फुलवरिया के दर्शनार्थी बाबूलाल सोनकर ने दी चौक थाने में तहरीर 

 

एसडीएम ने गला दबाया, बाउंसरों ने किया अपमानजनक व्यवहार

वाराणसी, भदैनी मिरर। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में एक बार फिर विवाद की ताजा घटना सामने आई है, जहां मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसडीएम शंभू शरण पर श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। गौरतलब है कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार की शिकायतें काफी पहले से आती रही हैं। इस बार यह आरोप सीधे एसडीएम पर लगा है। स्थानीय लोग तो पहले से मंदिर की व्यवस्था से नाराज हैं। वह इसके लिए आंदोलन भी चला रहे हैं। लेकिन प्रशासन सुविधाजनक दर्शन के दावे करता रहता है। 

कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया के रहनेवाले बाबूलाल सोनकर ने इस मामले में चौक थाने में तहरीर दी है। बताया कि वह नियमित रूप से मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। रविवार को महाशिवरात्रि पर वह दर्शन के लिए पहुंचे तो एसडीएम शंभू शरण करीब 10 बाउंसरों के साथ मौजूद थे। वे भक्तों को गालियां दे रहे थे और धक्का-मुक्की कर रहे थे। इसी दौरान एसडीएम ने अचानक उन्हें पकड़ लिया। मां-बहन की गंदी गालियां दीं। उनके साथियों ने भी उन्हें पकड़ लिया और एसडीएम ने गला दबाकर सामूहिक रूप से उन्हें अपमानित किया। इस दौरान उनकी भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची और हाथ में चोट भी आई। इसी तरह भदैनी निवासी अनुज पांडेय ने भी चौक थाने में तहरीर दर्ज कराई। अनुज भी बाबा विश्वनाथ के नियमित भक्त हैं और रविवार को दर्शन के लिए गए थे। उनके अनुसार, एसडीएम शंभू शरण के साथ मौजूद बाउंसरों ने गाली-गलौज की और मारपीट की। दोनों दर्शनार्थियों ने मौके पर मौजूद डीएम और कमिश्नर से मौखिक शिकायत की और लिखित तहरीर थानाध्यक्ष को सौंपी है। तहरीर में एसडीएम और बाउंसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। 

एसडीएम शंभू शरण पर पहले भी स्थानीय लोगों, पंडा समाज और श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार के कई आरोप लग चुके हैं। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर सहित अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री तक शिकायतें पहुंचाई थीं, जिसमें बाउंसरों और पीआरओ के माध्यम से अभद्रता का जिक्र किया गया था। हालांकि इस बार बाउंसरों के साथ सीधी हाथापाई और गंभीर अपमान का आरोप और अधिक गंभीर माना जा रहा है।