Sawan 2026: श्रावण मास को लेकर प्रशासन अलर्ट, DM सत्येंद्र कुमार ने किया मार्कण्डेय महादेव मंदिर का निरीक्षण
कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर में सावन मेले की तैयारियां तेज। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, निर्बाध बिजली, मेडिकल टीम और गोताखोरों की तैनाती को लेकर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश।
वाराणसी (भदैनी मिरर): आगामी श्रावण (सावन) मास में शिवभक्तों को दर्शन-पूजन में कोई भी असुविधा न हो, इसके लिए वाराणसी जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। रविवार (19 जुलाई 2026) को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कैथी स्थित प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव मंदिर का दौरा कर सावन की तैयारियों का जमीनी स्तर पर जायजा लिया।
डीएम ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के गेस्ट हाउस में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें श्रद्धालुओं के सुचारु आवागमन, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
मन्दिर और घाट परिसर का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने मंदिर के मुख्य पुजारी और महंत से बातचीत कर वर्तमान तैयारियों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मंदिर के प्रवेश व निकास द्वार, मेला क्षेत्र और घाटों का भ्रमण किया। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर हिदायत दी कि सावन शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं।
साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
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सफाई व्यवस्था: मंदिर क्षेत्र की निरंतर साफ-सफाई के लिए डीपीआरओ (DPRO) को सफाई कर्मियों और सुपरवाइजर्स की विशेष ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत सचिव और मंदिर समिति को भी शिफ्ट के अनुसार अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात करने को कहा गया है।
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सुगम दर्शन: श्रद्धालुओं की लाइन के लिए मंदिर के बाहर 'जिगजैग बैरिकेडिंग' (Zigzag Barricading) और जूतों-चप्पलों की सुरक्षा के लिए 'क्लॉक रूम/लॉकर रूम' की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सड़क और रैन बसेरे: पीडब्ल्यूडी को निर्माणाधीन और खराब मार्गों को तुरंत ठीक करने को कहा गया है। इसके अलावा, रैन बसेरों के शौचालय और पंखे दुरुस्त करने के निर्देश पंचायत सचिव को दिए गए हैं।
घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
गंगा-गोमती संगम के चलते घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के निर्देश दिए गए हैं:
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घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग, चेंजिंग रूम, मोबाइल टॉयलेट और पीने के पानी (टैंकर) की व्यवस्था की जाएगी।
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जल पुलिस चौकी स्थापित कर गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
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किसी भी श्रद्धालु को बिना लाइफ जैकेट (Life Jacket) के नाव की सवारी न कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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सूचनाओं के प्रसारण के लिए घाटों पर 'पब्लिक एड्रेस सिस्टम' (Public Address System) लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य, सुरक्षा और खाद्य विभाग को निर्देश
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मेडिकल टीम: सीएमओ (CMO) को निर्देश दिया गया है कि मंदिर परिसर में मेडिकल टीम हर समय तैनात रहे और आपात स्थिति के लिए 'एंटी स्नेक वेनम' (Anti-Snake Venom) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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सुरक्षा और मॉनिटरिंग: भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया और पार्किंग बनाई जाएगी। मंदिर के बाहर महिला पुलिसकर्मी और मंदिर प्रबंधन के वालंटियर तैनात रहेंगे।
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बिजली व्यवस्था: मंदिर और घाटों की खराब लाइटें तुरंत बदलने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर का बैकअप रखने को कहा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में होने चाहिए।
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फूड सेफ्टी: खाद्य सुरक्षा विभाग को मेला क्षेत्र में लगने वाले ठेले-खोमचे वालों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक और निरीक्षण के दौरान एसडीएम नितिन सिंह, डीसीपी प्रमोद कुमार, सीएमओ, डीपीआरओ, एएमए जिला पंचायत, तहसीलदार, पंचायत सचिव और लेखपाल सहित अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने निरीक्षण के उपरांत मार्कण्डेय महादेव के दर्शन कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया।