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यूपी को मिलेगी एक और यूनिवर्सिटी: मीरजापुर के चुनार में स्थापित होगी 'सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी', योगी कैबिनेट की हरी झंडी

पूर्वांचल के युवाओं के लिए बड़ी सौगात, एपेक्स हॉस्पिटल वाराणसी के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की संरक्षता में 50.45 एकड़ भूमि पर बनेगा नया एजुकेशन हब।

 

भदैनी मिरर डेस्क,मीरजापुर: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों को बढ़ावा देने की नीति के तहत अब पूर्वांचल के मीरजापुर (चुनार) में 'सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी' की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। योगी कैबिनेट की औपचारिक स्वीकृति के बाद शासन द्वारा इस संबंध में आशय पत्र (Letter of Intent) जारी करने की संस्तुति दे दी गई है।

50.45 एकड़ भूमि पर आकार लेगा नया कैंपस

यह नया विश्वविद्यालय वाराणसी-चुनार हाईवे पर स्थित मीरजापुर जनपद की चुनार तहसील के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम-समसपुर में स्थापित किया जाएगा। कुल 50.45 एकड़ की विशाल भूमि पर इस भव्य और आधुनिक यूनिवर्सिटी का निर्माण होगा। ग्रामीण परिवेश में इस स्तर के विश्वविद्यालय के आने से स्थानीय और आस-पास के जिलों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

एपेक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. एस.के. सिंह की संरक्षता में शुरुआत

चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले एपेक्स हॉस्पिटल, वाराणसी के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की संरक्षता में इस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। एपेक्स ग्रुप का यह कदम पूर्वांचल के शैक्षिक ग्राफ को और ऊपर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

उच्च स्तरीय समिति की बैठक में लगी मुहर

'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' के कड़े मानकों के अंतर्गत इस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद, इस उच्च स्तरीय समिति के समक्ष विस्तृत मंतव्य और संस्तुति प्रस्तुत की गई, जिसके बाद संस्था को आशय-पत्र (LOI) निर्गत करने का अंतिम फैसला लिया गया।

सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी के आने से न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि पूर्वांचल में तकनीकी, व्यावसायिक और पारंपरिक शिक्षा का स्तर भी और अधिक मजबूत होगा।