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वाराणसी में संजय सिंह का बड़ा खुलासा: 'राम मंदिर ट्रस्ट ने 3 करोड़ की नजूल जमीन 24 करोड़ में खरीदी, चंपत राय तुरंत हों गिरफ्तार'

आप सांसद का आरोप— दानपात्र से 200 करोड़ की चोरी पर भाजपा चुप, भ्रष्ट ट्रस्ट को तुरंत भंग करे सरकार

 

वाराणसी/लखनऊ (भदैनी मिरर): आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी (वाराणसी) में एक प्रेस वार्ता कर राम मंदिर ट्रस्ट, दानपात्र चोरी और अयोध्या में जमीन खरीद को लेकर बहुत बड़ा दावा किया है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रभु श्री राम के नाम पर देश-विदेश के करोड़ों हिंदुओं द्वारा दिए गए चंदे और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने सरकारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।

2.92 करोड़ की सरकारी जमीन 24 करोड़ में खरीदी: संजय सिंह

सांसद संजय सिंह ने अयोध्या की गाटा संख्या 247 की 0.645 हेक्टेयर भूमि के दस्तावेज मीडिया के सामने पेश किए। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार के उप जिलाधिकारी (SDM) द्वारा 22 जुलाई 2024 को जारी सरकारी अभिलेख बताते हैं कि यह 'नजूल' यानी सरकारी भूमि है। नियमतः नजूल की जमीन का क्रय-विक्रय तब तक नहीं हो सकता, जब तक उसे फ्रीहोल्ड न कराया गया हो। सरकारी रिकॉर्ड में इस जमीन की कीमत 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये दर्ज है, लेकिन ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इसे सीधे 24 करोड़ रुपये में खरीद लिया।"

आप नेता ने सवाल उठाया कि 3 करोड़ रुपये से भी कम की जमीन को 24 करोड़ रुपये में खरीदना करोड़ों श्रद्धालुओं के पैसे की खुली लूट है और यह सीधे तौर पर रामभक्तों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा महापाप है।

रजिस्ट्री के बाद भी सरकारी कागजों में नजूल दर्ज है जमीन

संजय सिंह ने जमीन सौदे की कड़ियों को खोलते हुए बताया कि इस जमीन को बेचने वाले महंत मुरलीधर दास (चेला स्वर्गीय बाबा पूरन दास) हैं, जबकि खरीदार चंपत राय हैं। इस पूरी डील में मिथिलेश्वर दास और मुकेश दास गवाह बने हैं। उन्होंने कहा कि जमीन की रजिस्ट्री 2 अप्रैल 2024 को ही कर दी गई थी, लेकिन इसके बाद 22 जुलाई 2024 को एसडीएम द्वारा जो दस्तावेज सत्यापित किए गए, उसमें भी इसे नजूल भूमि ही दिखाया गया है, जो इस पूरे मामले को संदिग्ध और गंभीर बनाता है।

'दानपात्र से 200 करोड़ से ज्यादा की चोरी, क्यों चुप है सरकार?'

जमीन विवाद के साथ-साथ संजय सिंह ने मंदिर के चढ़ावे और दानपात्र में हो रही कथित चोरी का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने दावा किया, "राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी का आंकड़ा सामने आ चुका है। इसमें मंदिर के ही 50 से अधिक कर्मचारी लिप्त पाए गए हैं। कुंभ के दौरान रोजाना 15 से 20 लाख रुपये गायब होने की बात सामने आई। इस मामले में 9 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई और उनके पास से कैश बरामद हुआ, लेकिन मुख्य साजिशकर्ताओं पर भाजपा सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।"

ईडी-सीबीआई और पीएम मोदी से सीधे सवाल

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा कि जब विपक्ष के नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियां तुरंत कार्रवाई करती हैं, तो राम मंदिर ट्रस्ट में बैठे भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। आप सांसद ने कहा कि इस कथित भ्रष्ट ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाना चाहिए और इसकी कमान समाज के ईमानदार और पारदर्शी लोगों को सौंपी जानी चाहिए।