{"vars":{"id": "125128:4947"}}

वाराणसी के संजय खन्ना बने BPCL के नए C&MD; काशी के लाल ने देश के ऊर्जा क्षेत्र में गाड़ा झंडा

क्वींस कॉलेज से महारत्न कंपनी के शिखर तक: संजय खन्ना की BPCL में ताजपोशी

 

भदैनी मिरर, वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी अब प्रतिभाओं के गढ़ के रूप में भी विश्व पटल पर चमक रही है। इसी कड़ी में वाराणसी के प्रतिभाशाली व्यक्तित्व संजय खन्ना ने शहर का गौरव बढ़ाते हुए देश की अग्रणी महारत्न कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (C&MD) का पदभार ग्रहण किया है। संजय खन्ना की इस नियुक्ति ने न केवल ऊर्जा क्षेत्र में हलचल पैदा की है, बल्कि पूरे वाराणसी में हर्ष की लहर दौड़ा दी है।

बेसेंट और क्वींस कॉलेज से शुरू हुआ था सफर

संजय खन्ना की सफलता की कहानी वाराणसी की गलियों से शुरू हुई। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बेसेंट थियोसोफिकल स्कूल से प्राप्त की और उसके बाद राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज से आगे की पढ़ाई पूरी की। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि साधारण पृष्ठभूमि और सरकारी स्कूलों से पढ़कर भी मेहनत के दम पर देश के शीर्ष पद हासिल किए जा सकते हैं।

अनुभव और योग्यता का संगम

खन्ना की शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा बेहद प्रभावशाली रही है:

  • शिक्षा: एनआईटी तिरुचिरापल्ली (NIT Trichy) से केमिकल इंजीनियरिंग और मुंबई विश्वविद्यालय से फाइनेंस मैनेजमेंट में पीजी।
  • अनुभव: BPCL में तीन दशकों (30 साल) से अधिक का लंबा अनुभव।
  • उपलब्धियां: कंपनी के भीतर कई जटिल और महत्वपूर्ण परियोजनाओं का सफल नेतृत्व।

ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि संजय खन्ना की दूरदर्शी सोच और तकनीकी पकड़ के कारण BPCL आने वाले समय में ऊर्जा के नए विकल्पों और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से कदम बढ़ाएगी। एक कुशल रणनीतिकार के रूप में उनकी पहचान कंपनी को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

काशी में खुशी का माहौल

वाराणसी के रहने वाले एक शख्स का देश की इतनी बड़ी कंपनी के सर्वोच्च पद पर पहुंचना स्थानीय लोगों के साथ-साथ युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। सोशल मीडिया पर भी शहर के लोग 'बनारस के लाल' की इस कामयाबी को जमकर साझा कर रहे हैं।