अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और NEET विवाद पर वाराणसी में बवाल: BHU गेट पर सपा का धरना,60 से अधिक हिरासत में
लंका चौराहे और सिंहद्वार पर लगा भीषण जाम; प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे बीएचयू छात्रों को प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने परिसर में खदेड़ा।
वाराणसी / भदैनी मिरर: दिल्ली में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही मंगलवार को वाराणसी का माहौल गरमा गया। अखिलेश यादव की रिहाई और छात्रों के न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता बीएचयू (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) के मुख्य सिंहद्वार पर इकट्ठा हो गए और सड़क पर बैठकर उग्र धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अचानक हुए इस सड़क जाम और विरोध-प्रदर्शन के कारण लंका-सामनेघाट मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस से तीखी नोकझोंक, टांगकर ले गई पुलिस
सपा कार्यकर्ताओं द्वारा अचानक किए गए इस चक्काजाम की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पहले कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर सड़क से हटने का अनुरोध किया, लेकिन जब सपाई सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए धरने पर अड़े रहे, तो पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया।
पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को जबरन सड़क से हटाया और खीचकर व टांगकर पुलिस वाहनों में बिठाया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 60 से अधिक सपा कार्यकर्ताओं को कस्टडी में ले लिया और थाने भिजवाया।
बीएचयू छात्र भी पहुंचे, प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने परिसर में खदेड़ा
सपा के प्रदर्शन के दौरान बीएचयू के कई छात्र भी छात्रों के समर्थन में धरनास्थल पर पहुंच गए। स्थिति को भांपते हुए बीएचयू का प्रॉक्टोरियल बोर्ड और सुरक्षाकर्मी तुरंत एक्शन में आए। सुरक्षा टीम ने छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने से रोका और हल्की धक्का-मुक्की के बीच सभी छात्रों को सड़क से हटाकर विश्वविद्यालय परिसर (गेट के अंदर) भेज दिया।
"लोकतांत्रिक आवाज को दबा रही सरकार": सपा
हिरासत में लिए गए सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र व राज्य सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि नीट घोटाले और पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है। जब उनके नेता अखिलेश यादव और राहुल गांधी शांतिपूर्ण ढंग से छात्रों की आवाज उठा रहे हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है और वाराणसी में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया जा रहा है।
फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए बीएचयू सिंहद्वार और लंका क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और यातायात को पूरी तरह बहाल करा दिया गया है।