100 करोड़ के कफ सिरप किंग शुभम जायसवाल पर 25 हजार का इनाम, कई राज्यों में दर्ज केस; SIT–STF की दबिश तेज
वाराणसी के प्रहलाद घाट निवासी शुभम जायसवाल पर कई राज्यों में NDPS और धोखाधड़ी के मामले दर्ज है; गोदाम मालिक महेश सिंह पर भी 25 हजार का इनाम, छह बैंक प्रबंधक व CA से SIT ने की पूछताछ
Dec 11, 2025, 09:15 IST
वाराणसी, भदैनी मिरर। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद फरार चल रहे सरगना शुभम जायसवाल पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। करीब 100 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड बताये जा रहे शुभम के खिलाफ यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली सहित कई राज्यों में मामले दर्ज हैं।
शुभम जायसवाल आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रहलाद घाट स्थित कायस्थ टोला का निवासी है और शैली ट्रेडर्स नामक फर्म का मुख्य कर्ताधर्ता माना जाता है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कमिश्नरेट की SIT, UP STF और एंटी नारकोटिक्स टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस को उसके दुबई, कोलकाता, दिल्ली और उत्तराखंड में ठिकाना बनाने की भी जानकारी मिली है।
गोदाम मालिक महेश सिंह पर भी 25 हजार का इनाम
अवैध कफ सिरप स्टोर करने में सहयोग करने वाले रोहनिया के भदवर निवासी महेश सिंह पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। महेश के गोदाम से भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद हुआ था।
कई जिलों में दर्ज हैं केस
डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल के अनुसार शुभम के खिलाफ वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली और गाजियाबाद में FIR दर्ज है। वाराणसी के कोतवाली थाने में शुभम, उसके पिता भोला प्रसाद (रांची), साथी अमित सिंह टाटा (जौनपुर) और आलोक प्रताप सिंह सहित 38 फर्मों के खिलाफ NDPS, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अमित सिंह और आलोक प्रताप को STF पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
बैंक मैनेजर और CA पर SIT की पूछताछ
जांच के दौरान SIT ने निजी बैंक के छह प्रबंधकों और एक चार्टर्ड एकाउंटेंट से लंबी पूछताछ की है। शुभम और उसकी फर्मों के बैंक खातों की निगरानी करने वाले अधिकारियों से भी ट्रांजेक्शन डिटेल खंगाली गई है।
सूत्रों के मुताबिक, SIT ने अन्य आरोपियों से जुड़ी 38 फर्मों के बैंक खाते, संदिग्ध ट्रांजेक्शन और मल्टी-स्टेट मनी ट्रेल की पड़ताल की है।
बैंक अधिकारियों पर भी आ सकती है कार्रवाई
SIT को जांच में कई अनियमितताएं मिलने की जानकारी है। टीम ने संकेत दिया कि जांच के अंतिम चरण में कुछ बैंक अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव है, जिन्होंने संदिग्ध लेन-देन के बावजूद रिपोर्टिंग में लापरवाही बरती।
वाराणसी पुलिस ने शुभम की गिरफ्तारी के लिए आम नागरिकों से भी सूचना देने की अपील की है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।