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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमे की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराई जाय

कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे जिला मुख्यालय सौंपा मांगों से सम्बंधित ज्ञापन

 

कहा-शंकराचार्य पर आरोप लगानेवाले आशुतोष पांडेय की प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर के साथ फोटो वायरल

वाराणसी, भदैनी मिरर। यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में कांग्रेस खुलकर सामने आ चुकी है। पार्टी के निर्देश पर प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम के तहत वाराणसी इकाई के कांग्रेसियों ने बुधवार 25 फरवरी को कचहरी स्थित जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों से सम्बंधित ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा और मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराए जाने की मांग की।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत वाराणसी में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। ज्ञापन में कहा गया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सर्वोच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज से कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। राघवेंद्र चौबे ने कहाकि प्रयागराज में माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य को स्नान से रोके जाने से घटनाक्रम की शुरुआत हुई। उन्होंने प्रयागराज के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कहाकि एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें अजय पाल शर्मा और एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज साथ दिखाई दे रहे हैं, जिससे मामले पर संदेह गहराता है। यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों को जिस तरह रोका गया, वह अपमानजनक था। बाद में विवाद बढ़ने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदनंद ब्रह्मचारी समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसे कांग्रेस ने फर्जी करार दिया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वालों की भी जांच कराई जाय। साथ ही निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से स्वतंत्र जांच कराना आवश्यक है।