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Ravidas Jayanti 2026: सीर गोवर्धन पहुंचे CM योगी, कहा- समरसता के प्रेरणास्रोत हैं संत रविदास

'समरसता संकल्प अभियान' का हुआ आगाज, 20 हजार से अधिक स्थानों पर जाएगी सीर गोवर्धन की पवित्र मिट्टी; भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर साधा निशाना।

 

भदैनी मिरर डेस्क (वाराणसी): संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें पावन जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में वाराणसी के सीर गोवर्धन स्थित उनकी जन्मस्थली पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीर गोवर्धन पहुंचकर गुरु दरबार में मत्था टेका और 'समरसता संकल्प अभियान' का औपचारिक शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर संत रविदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर मुख्यमंत्री ने सामाजिक समरसता, भाईचारे और समानता का संदेश दिया। हालांकि, बिहार में जारी उपचुनाव की व्यस्तताओं के कारण भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का प्रस्तावित वाराणसी दौरा अंतिम समय में रद्द करना पड़ा।

संत रविदास की शिक्षाएं आज भी समाज का मार्गदर्शक: CM योगी

मंदिर परिसर में आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत गुरु रविदास जी ने जिस समरसता, समानता और मानवता का संदेश दिया था, वह आज भी पूरे समाज के लिए मार्गदर्शक है।

"संत रविदास जी का स्पष्ट मानना था कि व्यक्ति की पहचान उसके जन्म या जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म, गुण और चरित्र से होती है। उनकी शिक्षाएं सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर एक सशक्त राष्ट्र निर्माण की राह दिखाती हैं। उनकी इस धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है।" — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश)

131 कलशों में एकत्रित हुई सीर गोवर्धन की पवित्र माटी

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कार्यक्रम के दूरगामी अभियानों की जानकारी देते हुए बताया कि संत रविदास जी की जन्मस्थली की पावन माटी का विधिवत पूजन कर उसे 131 पवित्र कलशों में संग्रहित किया गया है।

  • देशभर में प्रचार: यह पवित्र मिट्टी देश के 27 राज्यों के प्रतिनिधियों के माध्यम से 20,000 से अधिक स्थानों तक पहुंचाई जाएगी।

  • 'बेगमपुरा' की कल्पना: तरुण चुग ने कहा कि गुरु रविदास जी का 'बेगमपुरा' एक ऐसा समाज था जहां दुख, भय, असमानता और भेदभाव का कोई स्थान न हो।

विपक्ष पर साधा निशाना, बताया- 'रविदास जी सबके हैं'

समारोह में मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने भी अपने विचार रखे और विपक्षी दलों की जातिगत राजनीति पर तंज कसा:

  • पंकज चौधरी का बयान: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को दोहराते हुए कहा— "रविदास जी सबके हैं और हम सब रविदास जी के हैं।" उन्होंने कहा कि जो सम्मान संत रविदास जी को आजादी के तुरंत बाद मिलना चाहिए था, वह अब भाजपा सरकार के प्रयासों से मिल रहा है।

  • लाल सिंह आर्य का वक्तव्य: उन्होंने गुरु वाणी "एकै माटी के सभ भांडे" का उल्लेख करते हुए कहा कि संत रविदास उस दौर में अवतरित हुए थे जब समाज कुरीतियों से जूझ रहा था, लेकिन उन्होंने भक्ति आंदोलन के जरिए अंतिम व्यक्ति तक समानता का संदेश पहुंचाया।

भव्य दीपोत्सव की तैयारियां पूरी

संत रविदास जयंती वर्ष के इस ऐतिहासिक अवसर पर सीर गोवर्धन क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक के लिए जिला प्रशासन और भाजपा संगठन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए काशी पूरी तरह से तैयार है।