रामपुर जौहर यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग गिराने की कार्रवाई का विरोध; वाराणसी में AIMIM ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
महानगर अध्यक्ष मुख्तार अहमद अंसारी का दावा- 'आम जनता के चंदे और सरकारी अनुदान से बनी है यूनिवर्सिटी, इसे अवैध बताना विधि विरुद्ध।'
वाराणसी / भदैनी मिरर: रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय (Jauhar University) के परिसरों में निर्मित भवनों को विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध घोषित किए जाने और उन्हें गिराए जाने की कार्रवाई के खिलाफ अब वाराणसी में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस मामले को लेकर 'ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन' (AIMIM) की वाराणसी इकाई ने मोर्चा खोल दिया है।
शनिवार को एआईएमआईएम के वाराणसी महानगर अध्यक्ष मुख्तार अहमद अंसारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पहुंचकर महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
यूनिवर्सिटी में सभी वर्गों की सहभागिता, गिराने की कार्रवाई गलत: AIMIM
सौपे गए ज्ञापन में एआईएमआईएम नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार और रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि प्रशासन द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी के नवनिर्मित भवनों को अवैध ठहराया जाना पूरी तरह से विधि विरुद्ध और अनुचित है।
महानगर अध्यक्ष मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा कि:
"मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि इसका निर्माण सरकारी अनुदान और आम जनमानस के चंदे (दान) के सहयोग से किया गया है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना में सभी वर्गों, जातियों और समूहों के लोगों ने अपनी सहभागिता दी है।"
छात्रों और शिक्षकों के भविष्य का हवाला
ज्ञापन में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि वर्तमान समय में इस विश्वविद्यालय परिसर में सभी समुदायों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई) के छात्र और छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, साथ ही विभिन्न वर्गों के शिक्षक वहां पठन-पाठन का कार्य करा रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी के भवनों को ढहाने की कोई भी एकतरफा कार्रवाई वहां पढ़ रहे हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगी।
एआईएमआईएम वाराणसी इकाई ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल महोदया से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और रामपुर प्रशासन द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। इस दौरान पार्टी के कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर मौजूद रहे।