वाराणसी पुलिस लाइन में मनाया गया पुलिस स्मृति दिवस,अमर शहीदों को मंत्रियों और अधिकारियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु', महापौर अशोक तिवारी और एडीजी पीयूष मोर्डिया सहित आला अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर अर्पित किए पुष्पचक्र
वाराणसी (भदैनी मिरर): पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार (21 अक्टूबर 2026) को रिजर्व पुलिस लाइन, कमिश्नरेट वाराणसी में भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और जनसेवा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
"त्याग और अनुशासन से भरी है पुलिस बल की परंपरा"
समारोह को संबोधित करते हुए वाराणसी के पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने कहा कि—
"पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ओत-प्रोत रही है। जनसेवा के उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए अपने कर्तव्य पथ पर प्राणों की आहुति देने वाले हमारे शहीद पुलिसकर्मी सदा अमर रहेंगे। उनका अदम्य साहस और देशभक्ति हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"
दिग्गजों और अधिकारियों ने अर्पित किए पुष्पचक्र
समारोह के दौरान पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर मा० राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर मिश्रा 'दयालु', मा० राज्य मंत्री श्री हंसराज विश्वकर्मा, महापौर श्री अशोक कुमार तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्या, एडीजी वाराणसी जोन श्री पीयूष मोर्डिया, एडीजी श्री नवीन अरोरा, आईजी श्री वैभव कृष्णा, अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) श्री शिवहरी मीणा तथा अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री राठौड़ किरीट कुमार हरिभाई सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
2 मिनट का मौन रख शहीदों को किया नमन
कार्यक्रम में उपस्थित सभी जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने 2 मिनट का मौन रखकर वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान पुलिस बल ने नागरिकों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
क्या है 21 अक्टूबर का ऐतिहासिक महत्व?
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के 'हॉट स्प्रिंग' क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त कर रही सीआरपीएफ (CRPF) की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में मातृभूमि की रक्षा करते हुए 10 वीर जवान शहीद हुए थे। उन शहीदों की स्मृति में ही हर वर्ष 21 अक्टूबर को देश भर में 'पुलिस स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाता है।