{"vars":{"id": "125128:4947"}}

काशी में खुशनुमा सुबह: आज भी बारिश का अलर्ट, 109 KM की रफ्तार से आई थी आंधी, 1 घंटे में 14 डिग्री लुढ़का पारा

वैज्ञानिक भी हैरान: मई-जून जैसी स्थिति अप्रैल में!
 

 

वाराणसी: धर्मनगरी काशी में बुधवार को आए भीषण चक्रवाती तूफान के बाद गुरुवार की सुबह मौसम खुशनुमा बना हुआ है। हालांकि, राहत की यह सांस अस्थायी हो सकती है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रह सकता है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि आज बुधवार जैसे विनाशकारी तूफान की आशंका तो कम है, लेकिन तेज बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है।

109 किमी की रफ्तार: जब थम गई काशी की धड़कन

बुधवार की दोपहर वाराणसी के लिए किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं थी। कड़ी धूप के बीच अचानक 109 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार ने शहर को झकझोर दिया। इस दौरान:

  • तापमान में गिरावट: महज एक घंटे के भीतर पारा 14 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया।

  • बारिश और ओले: आसमान से आफत बनकर ओले गिरे और 9 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।

  • बिजली की कड़क: करीब तीन घंटे तक आकाशीय बिजली की गर्जना से लोग सहमे रहे।

गंगा में बहे बजड़े, लहुराबीर में गिरा विशाल बोर्ड

तूफान का असर इतना व्यापक था कि गंगा की लहरों पर खड़े बड़े-बड़े बजड़े और नावें तक बह गईं। शहर के बरेका, बीएचयू और सारनाथ सहित विभिन्न इलाकों में 250 से अधिक पेड़ जड़ से उखड़ गए। लहुराबीर चौराहे पर लगा एक भारी-भरकम सांकेतिक बोर्ड बीच सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा। घाटों और सड़कों पर रेहड़ी-पटरी वालों का सामान हवा में खिलौनों की तरह उड़ता दिखाई दिया।

वैज्ञानिक भी हैरान: मई-जून जैसी स्थिति अप्रैल में!

मौसम विज्ञानी इस तूफान की तीव्रता और टाइमिंग देखकर हैरान हैं। डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुरवा और पछुआ हवाओं के टकराव (Convergence) ने यह विकट स्थिति पैदा की।

"उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के पास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवाती परिसंचरण के मिलन से यह स्थिति बनी। नागालैंड तक जा रही द्रोणी (Trough) के कारण नमी वाली हवाओं ने इस तूफान को और आक्रामक बना दिया।"

तापमान का लेखा-जोखा

बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक यानी 41.6 डिग्री सेल्सियस था, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। तूफान के बाद हुई गिरावट ने लोगों को भीषण गर्मी से तात्कालिक राहत तो दी है, लेकिन बेमौसम की इस मार ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।