Varanasi News: पिसौर स्कूल छेड़खानी केस में शिक्षक संघ उतरा मैदान में, DM–पुलिस कमिश्नर से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग
प्राथमिक विद्यालय पिसौर के प्रधानाध्यापक पर लगे आरोपों को बताया साजिशपूर्ण, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट - वीरेंद्र पटेल
वाराणसी,भदैनी मिरर। शिवपुर थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पिसौर में प्रधानाध्यापक पर छात्राओं से छेड़खानी के गंभीर आरोपों के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रकरण को लेकर शिक्षक समुदाय में भारी आक्रोश है। मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, वाराणसी के बैनर तले शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
शिक्षक नेताओं ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक पर लगाए गए आरोप नितांत मनगढ़ंत, मिथ्या और साजिशपूर्ण हैं। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि चुनावी माहौल को देखते हुए कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर शिक्षकों की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
“राजनीतिक व जातिगत विद्वेष में रचा गया षड्यंत्र” – शिक्षक संघ
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला समिति पदाधिकारी प्रताप सिंह ने बताया कि संबंधित प्रधानाध्यापक बीते 29 वर्षों से सेवा में हैं और उनके कार्यकाल में कभी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि गांव में पहले से चले आ रहे जमीन और विद्यालय से जुड़े विवाद के कारण यह पूरा मामला साजिश के तहत खड़ा किया गया है।
शिक्षकों का आरोप है कि छात्राओं के माध्यम से झूठे आरोप लगवाए गए, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ ने विद्यालय परिसर में हंगामा किया और स्टाफ पर जानलेवा हमला तक कर दिया।
“घटना पहले हुई होती तो उसी दिन दर्ज होती शिकायत”
शिक्षक संघ का कहना है कि यदि घटना वास्तव में शुक्रवार या शनिवार को हुई थी, तो तत्काल शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए थी। लेकिन आरोप लगाने वालों ने शनिवार और रविवार को चुप्पी साधे रखी और सोमवार को विद्यालय खुलते ही बड़ी संख्या में लोगों के साथ पहुंचकर डर और दबाव का माहौल बनाया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है।
प्रधानाध्यापक गिरफ्तार, जेल भेजे गए
शिक्षकों ने बताया कि मामले में प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी कर ली गई है और उनके खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है, जिससे पूरा शिक्षक समुदाय आहत है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सक्षम राजपत्रित अधिकारियों की संयुक्त टीम (पुलिस, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग) से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष को न्याय मिल सके।
सोमवार को हुआ था बड़ा हंगामा
गौरतलब है कि सोमवार को शिवपुर थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय पिसौर में कक्षा चार की चार छात्राओं से छेड़खानी का आरोप लगने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष और महिलाएं विद्यालय पहुंच गए थे। आक्रोशित भीड़ ने प्रधानाध्यापक को कमरे में बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
सूचना पर शिवपुर, कैंट और रोहनिया थानों की फोर्स के साथ पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालात इतने तनावपूर्ण थे कि ग्रामीण प्रधानाध्यापक की पिटाई पर आमादा हो गए थे। पुलिस ने किसी तरह हेलमेट पहनाकर और घेरे में लेकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने अन्य शिक्षकों पर भी आरोप लगाए हैं।
ज्ञापन में की गई प्रमुख मांग
शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि:
- पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो
- जिम्मेदार तत्वों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए
- शिक्षक समाज को भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अवसर मिले
- भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए
ज्ञापन सौंपने वालों में अजीत सिंह टीका, शैलेंद्र विक्रम सिंह, शमशेर सिंह, बृजेश यादव, परवेज, विकास सिंह, गिरीश चंद्र सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
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