वाराणसी: पंडित दीनदयाल अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप
अस्पताल में तड़के 3 बजे बिगड़ी मरीज की हालत, 4 घंटे के बाद मृत घोषित; सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और कार्रवाई की मांग
वाराणसी,भदैनी मिरर। वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ समय पर मौजूद नहीं थे, जिसकी वजह से मरीज की जान चली गई।
रात 9 बजे भर्ती, सुबह 3 बजे बिगड़ी हालत
मृतका की बहन मिताली चौहान (तनु) पुत्री विनोद चौहान, निवासी पांडेयपुर ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी बहन बुढ़िया चौहान की तबीयत 1 मार्च 2026 की रात करीब 9 बजे अचानक खराब हो गई। परिजन उन्हें तत्काल पंडित दीनदयाल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद भर्ती कर लिया।
परिजनों का कहना है कि उस समय डॉक्टरों ने आश्वस्त किया था कि घबराने की कोई बात नहीं है और एक-दो दिन में हालत ठीक हो जाएगी।
“ड्यूटी पर नहीं थे डॉक्टर और नर्स”
आरोप है कि 2 मार्च 2026 की सुबह करीब 3 बजे मरीज की हालत फिर से गंभीर हो गई। मिताली चौहान के अनुसार, वह डॉक्टर को बुलाने उनके चेंबर तक गईं, लेकिन वहां कोई डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं था।
उन्होंने कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन काफी देर तक कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि करीब 4 बजे डॉक्टर दो स्टाफ के साथ पहुंचे और जांच के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल परिसर में हंगामा
मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।
सूचना पर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) और कैंट पुलिस मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया।
सीसीटीवी जांच और कार्रवाई की मांग
परिजनों ने अपने प्रार्थना पत्र में मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और उस दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित समय का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है, ताकि जांच में सच्चाई सामने आ सके।
परिवार का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि पहले भी अस्पताल में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने जिम्मेदार कर्मियों के निलंबन और ठोस कार्रवाई की मांग की है।