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घोषणाएं नहीं, धरातल पर हिसाब दे सरकार: अधिवक्ताओं के मुद्दों पर बरसे युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कल्याणकारी घोषणाओं पर कसा तंज; कहा-मंच पर घोषणाओं की फसल लहलहा रही, लेकिन अधिवक्ताओं को मिल रहा सिर्फ इंतजार।

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के अधिवक्ताओं के हित में हाल ही में की गई घोषणाओं को लेकर सियासत और बयानबाजी तेज हो गई है। युवा कांग्रेस वाराणसी के जिलाध्यक्ष अधिवक्ता विकास सिंह ने सरकार की इन घोषणाओं पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए वादों और घोषणाओं की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिवक्ताओं को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अधिवक्ता विकास सिंह ने सरकार द्वारा अधिवक्ता कल्याण निधि बढ़ाने, मृतक अधिवक्ताओं के आश्रितों को आर्थिक मदद देने, ₹5 लाख तक कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस और कल्याण सहायता राशि को ₹5 लाख करने के ऐलानों को महज आश्वसन करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी घोषणाएं सुनकर ऐसा प्रतीत होता है मानो अधिवक्ताओं के ‘अच्छे दिन’ आने ही वाले हैं, लेकिन हकीकत यह है कि घोषणा से शासनादेश (GR) और शासनादेश से वास्तविक लाभ तक का सफर बेहद लंबा और निराशाजनक है।

सार्वजनिक ब्योरा जारी करे सरकार


युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए मांग की कि यदि राज्य सरकार वास्तव में अधिवक्ता हितैषी है, तो केवल मंचों से घोषणाएं कर श्रेय लेने के बजाय धरातलीय आंकड़े सामने रखे। सरकार को चाहिए कि वह:
 * वर्षवार की गई घोषणाओं का विवरण
 * संबंधित शासनादेशों की प्रति
 * तय बजटीय प्रावधान और वास्तविक व्यय
 * योजना से लाभान्वित अधिवक्ताओं की सही संख्या
का एक सार्वजनिक श्वेत पत्र जारी करे।

"मंच पर घोषणाओं की फसल, पर अधिवक्ताओं को सिर्फ प्रतीक्षा"

अधिवक्ता विकास सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि मंच पर भाषणों और घोषणाओं की फसल तो खूब लहलहाती दिखती है, लेकिन जब वास्तविक लाभ की कटाई का समय आता है, तब अधिवक्ता समाज के हाथ में केवल इंतजार ही आता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब अधिवक्ता समाज को खोखले आश्वासनों की जरूरत नहीं है। सरकार को अपनी सभी घोषणाओं का पारदर्शी, स्पष्ट और प्रमाणित हिसाब देना होगा, ताकि अधिवक्ताओं को उनका हक समय पर मिल सके।