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वाराणसी में वृक्षारोपण महाअभियान: लक्ष्य से अधिक 20 लाख से ज्यादा पौधे रोपे गए, मंत्री रविंद्र जायसवाल ने किया निरीक्षण

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान बना जन-उत्सव; 70 चौराहों पर बंटे मुफ्त पौधे, वरुणा तट पर अधिकारियों संग मंत्री ने दिखाई एकजुटता

 

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण महाअभियान ने एक नया इतिहास रच दिया। जिले के लिए निर्धारित 18.50 लाख के लक्ष्य को पार करते हुए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के सहयोग से 20 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। अभियान के नोडल मंत्री और प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने शिवपुर स्थित कांशीराम आवास परिसर तथा वरुणा नदी के तट पर खुद पौधरोपण कर अभियान की प्रगति का औचक निरीक्षण किया।

इस महाअभियान के दौरान आईएएस नोडल अधिकारी शंभू शरण, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर सिंह और वन विभाग की अधिकारी निधि सिंह चौहान समेत विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

70 चौराहों पर मुफ्त वितरण, जन-उत्सव में बदला अभियान

मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संकल्प को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे उत्तर प्रदेश में जनआंदोलन का रूप दिया है, जिसके तहत प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल किया जा रहा है। बनारस में इस अभियान को लेकर गजब का उत्साह है।

मंत्री ने बताया:

"आज बनारस के 70 प्रमुख चौराहों पर सुबह से ही लोगों को निःशुल्क पौधे वितरित करने के लिए लाइनें लगी हैं। कुल 27 सरकारी विभागों के समन्वय से विभिन्न स्थानों, मंदिरों, मस्जिदों, गंगा व वरुणा तट पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण हो रहा है। फ्लैटों और घरों से निकलकर लोग खुद पौधे लेने आ रहे हैं, जिससे यह अभियान अब सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक 'जन-उत्सव' बन गया है।"

"मां के नाम पौधा लगाने में छुपा है एक भावुक सेंटीमेंट"

अपनी स्वर्गीय मां को याद करते हुए मंत्री रविंद्र जायसवाल भावुक हो उठे। उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों को संदेश देते हुए कहा:

"एक मां हमें जन्म देती है और पालती-पोषती है, वैसे ही पेड़ बड़ा होकर हमें ऑक्सीजन, हवा और फल देकर हमारा संरक्षण करता है। जिन लोगों की मां आज इस दुनिया में नहीं हैं, वे जब अपनी मां के नाम पर पौधा लगाएंगे, तो उस बढ़ते हुए पौधे में उन्हें अपनी मां का मुस्कुराता हुआ चेहरा नजर आएगा। यह एक गहरा सेंटीमेंट है।"

उन्होंने आने वाली पीढ़ी के भविष्य की चिंता करते हुए आगे कहा, "आज हमारे पास संपन्नता है, घरों में एसी (AC) चल रहे हैं जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हम अपने बच्चों के लिए बड़ी-बड़ी कोठियां तो छोड़ जाएंगे, लेकिन अगर अच्छा पर्यावरण नहीं छोड़ पाए तो उनका जीवन संकट में होगा। इसलिए आने वाले नाती-पोतों के बेहतर भविष्य के लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।"

बढ़ते तापमान को रोकने के लिए पेड़ लगाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी: पूनम मौर्य

अभियान में शामिल हुईं जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ने वरुणा नदी के तट पर पौधरोपण करने के बाद कहा कि पेड़ के बिना मानव जीवन की कल्पना असंभव है। उन्होंने कहा:

"आज जिस तरह से लगातार तापमान (Temperature) बढ़ रहा है, उसकी सबसे बड़ी वजह पेड़ों की अंधाधुंध कटाई है। यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम खाली पड़ी जमीनों पर पेड़ लगाएं। जिस तरह हम अपनी मां की देखभाल करते हैं, उसी आत्मीयता से हमें इन पौधों को भी सींचना और संरक्षित करना होगा।"

जनभागीदारी से सफल हुआ संकल्प

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस महाअभियान में ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक हर वर्ग की भागीदारी देखी गई। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल पौधा लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखरेख कर उन्हें एक वृक्ष के रूप में तब्दील करने का संकल्प भी लें।