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युवती के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में आरोपित मोहित कुमार को कोर्ट से मिली जमानत

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपित को दो लाख रुपए की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया; वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बचाव पक्ष रखा

 

वाराणसी, भदैनी मिरर। युवती को मेला दिखाने के बहाने बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी मोहित कुमार उर्फ पतालु को फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के जज कुलदीप सिंह ने जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी को एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें और बंधपत्र देने के बाद रिहा करने का आदेश दिया।
बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव ने अदालत में अपने तर्क प्रस्तुत किए।

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मामले का विवरण

पीड़िता की माता साधना देवी ने चोलापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार उनकी पुत्री 25 दिसंबर 2025 को घर से कहीं भाग गई। बाद में पता चला कि उनकी बेटी गाँव के मोहित कुमार के साथ है।
पीड़िता ने मोबाइल से अपनी माता को बताया कि मोहित कुमार ने उसे मेला घुमाने के बहाने भगा लिया और आगरा ले जाकर उसके साथ तीन बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 7 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया और पीड़िता को बरामद किया। पीड़िता ने कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में भी आरोप लगाया कि मोहित कुमार ने उसे जबरन भगा लिया था।

आरोपित के घर वालों पर शक

पीड़िता के घर वालों के अनुसार मोहित के घरवालों ने भी इस घटना में सहभागिता की। जब पीड़िता के परिजन मोहित के घर पूछताछ के लिए गए तो घर वालों ने कहा कि उन्हें कुछ पता नहीं है।
इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी, लेकिन पुलिस और अदालत ने कहा कि जमानत मिलने का मतलब आरोपी की बिना जांच के रिहाई नहीं है। जांच और अदालत की प्रक्रिया जारी रहेगी।