वाराणसी में MBBS छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, खुद को कमरे में कर लिया बंद
लंका क्षेत्र के शिवम कॉम्प्लेक्स की घटना; पढ़ाई के दबाव और डिप्रेशन के चलते उठाया आत्मघाती कदम, पिता हैं कचहरी में वकील।
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क):
धर्म और शिक्षा की नगरी काशी से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र अंतर्गत नगवां चौकी क्षेत्र में एक एमबीबीएस छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रुचिका मौर्या के रूप में हुई है, जो देहरादून से एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा (नीट पीजी) की तैयारी कर रही थी।
मां से लिपटकर रोई, फिर लगा ली फांसी
घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार शाम रुचिका अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। परिजनों को लगा कि वह पढ़ाई के तनाव में है, लेकिन जब काफी देर तक कमरा नहीं खुला और फोन का जवाब नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का मंजर देख उनके होश उड़ गए; रुचिका बेड पर स्टूल रखकर दुपट्टे के फंदे से लटक चुकी थी।
नीट पीजी परीक्षा को लेकर थी तनाव में
मृतका के पिता अवनींद्र नाथ मौर्या, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, ने बताया कि रुचिका मेधावी थी और एमडी (MD) की पढ़ाई के लिए आगामी नीट परीक्षा की तैयारी में दिन-रात जुटी थी। परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से वह पढ़ाई और भविष्य को लेकर मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में थी। सोमवार सुबह जब पिता कचहरी गए थे, तब सब कुछ सामान्य था, लेकिन शाम को घर लौटने पर यह दुखद समाचार मिला।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने की जांच
घटना की सूचना मिलते ही एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार और लंका इंस्पेक्टर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम (फिल्ड यूनिट) ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
एसीपी भेलूपुर का बयान
मामले की जानकारी देते हुए एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि, "नगवां चौकी क्षेत्र में एक छात्रा द्वारा सुसाइड की सूचना मिली थी। पुलिस और फील्ड यूनिट ने मौके का मुआयना किया है। परिजनों के अनुसार कमरा अंदर से बंद था और उन्होंने ही दरवाजा तोड़ा। परिजनों से तहरीर प्राप्त कर ली गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल किसी के खिलाफ कोई नामजद शिकायत नहीं है।"