मनीष सिंह हत्याकांड: परिजनों से मिले करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बोले- 'पुलिस की वर्दी हमें दे दो, 2 घंटे में कर देंगे अपराधियों का हिसाब'
'लंगड़ा ऑपरेशन' नहीं अब 'फुल एनकाउंटर' की जरूरत, वोट बैंक की राजनीति के कारण अपराधियों को बचा रही पुलिस?
वाराणसी, भदैनी मिरर।
जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में हुई मनीष सिंह की नृशंस हत्या के मामले में न्याय की मांग अब और तेज हो गई है। शनिवार को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरू सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग रखी। वीरू सिंह ने यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आठ दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों का बाहर होना पुलिस की विफलता और अपराधियों के साथ 'सबलेट' होने का संकेत है।
'लंगड़ा नहीं, फुल एनकाउंटर चाहिए'
मीडिया से बातचीत में वीरू सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस 'लंगड़ा ऑपरेशन' (पैर में गोली मारना) के लिए जानी जाती है, लेकिन मनीष हत्याकांड जैसे जघन्य अपराध में 'फुल एनकाउंटर' की आवश्यकता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "अगर पुलिस से काम नहीं हो रहा तो ये वर्दी हमें दे दें, करणी सेना 24 घंटे नहीं बल्कि 2 घंटे में अपराधियों को किनारे लगा देगी।" उन्होंने आगे कहा कि पुलिस की पिस्टल और हथियार केवल पुलिस लाइन में सजाने के लिए नहीं होने चाहिए।
वोट बैंक और जातीय राजनीति का लगाया आरोप
वीरू सिंह ने पुलिस की सुस्त कार्रवाई के पीछे राजनीतिक दबाव और चुनावी समीकरणों का हाथ होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि संभवतः आने वाले चुनावों को देखते हुए और विशिष्ट जातियों के वोट बैंक को साधने के लिए अपराधियों को बचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि "अपराधियों में जात या वोट नहीं, बल्कि केवल अपराध ढूंढना चाहिए।"
बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'बुलडोजर मॉडल' का जिक्र करते हुए वीरू सिंह ने कहा कि जनता इस मामले में भी बुलडोजर एक्शन की उम्मीद कर रही है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर जात और धर्म देखकर बुलडोजर चलेगा तो कानून व्यवस्था की स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी।
हाउस डिटेन पर भी बरसे
वीरू सिंह ने खुलासा किया कि उन्हें पिछले चार दिनों से हाउस डिटेन करके रखा गया था ताकि वे परिवार से न मिल सकें। उन्होंने पूछा कि क्या उनके आने से कोई दंगा-फसाद हुआ? उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी देता है और वे केवल न्याय के लिए परिवार के साथ खड़े हैं।
यह है पूरी घटना
बता दें कि बीते रविवार की रात घमहापुर गांव में कार की टक्कर से एक महिला के घायल होने के बाद 38 वर्षीय मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने 4 लोगों को जेल भेजा है, लेकिन मुख्य आरोपी सहित 5 लोग अब भी फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित है। अपुष्ट जानकारी के अनुसार, फरार आरोपी अब कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में हैं।