मणिकर्णिका घाट मूर्ति विवाद: कांग्रेस का प्रदर्शन, राघवेंद्र चौबे समेत दर्जनों कार्यकर्ता हिरासत में
मूर्तियां तोड़े जाने के आरोप पर गरमाई राजनीति, सीएम योगी के वाराणसी दौरे के बीच कांग्रेस ने किया विरोध, गुरुधाम चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात
वाराणसी, भदैनी मिरर। मणिकर्णिका घाट पर कथित रूप से धार्मिक मूर्तियों को तोड़े जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर विपक्ष सरकार पर सीधा हमला बोल रहा है, तो वहीं डैमेज कंट्रोल के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अचानक चंदौली से वाराणसी पहुंचे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। सीएम के मणिकर्णिका घाट के निरीक्षण का भी कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन वह कैंसिल हो गया। जिसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग की।
इधर, कांग्रेस पार्टी ने मणिकर्णिका घाट से हटाई गई मूर्तियों के वास्तविक स्वरूप को काशीवासियों और देशवासियों के सामने लाने के उद्देश्य से शनिवार दोपहर 2 बजे गुरुधाम चौराहे पर एकत्र होकर पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) परिसर में निरीक्षण के लिए जाने का ऐलान किया था।
कांग्रेस के इस ऐलान के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। गुरुधाम चौराहे पर अचानक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया और पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त फोर्स भी बुला ली गई।
कांग्रेस कार्यकर्ता जैसे ही भेलूपुर क्षेत्र स्थित कुरुक्षेत्र कुंड पर एकत्रित हुए, भेलूपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर भेलूपुर थाने ले आई।
हिरासत के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान “जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है” जैसे नारे लगाए गए, जिससे क्षेत्र में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार मणिकर्णिका घाट पर हुई कथित तोड़फोड़ के सवालों से बचने के लिए लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई है।
फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को थाने में रखा गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। मणिकर्णिका घाट मूर्ति विवाद को लेकर वाराणसी की राजनीति और भी गरमाने के आसार हैं।