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वाराणसी: ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति का अपमान लगाकर किया पुतला दहन, BJP कार्यकर्ताओं ने मांगा इस्तीफा

जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन: BJP अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा – लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक मूल्यों का हुआ अपमान

 

वाराणसी,भदैनी मिरर। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान के विरोध में वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस के पास भाजपा कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का आरोप था कि राष्ट्रपति के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राज्य सरकार द्वारा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिससे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान हुआ है। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

“राष्ट्रपति का अपमान देश का अपमान”

भाजपा महानगर उपाध्यक्ष अशोक कुमार जाटव ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं और उनके सम्मान की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और न ही मुख्यमंत्री या कैबिनेट का कोई प्रतिनिधि मौजूद रहा।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राष्ट्रपति ही नहीं बल्कि पूरे देश और आदिवासी समाज का अपमान है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार करना चाहिए।

“यह महिला नहीं, विचारधारा के विरोध का प्रतीक”

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की क्षेत्रीय महामंत्री साधना गोंड ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समाज की गौरव हैं और उनके साथ किया गया कथित अपमान पूरे आदिवासी समाज और देश की मातृशक्ति का अपमान है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पुतला दहन किसी महिला के खिलाफ नहीं बल्कि उस विचारधारा के विरोध का प्रतीक है, जिसे भाजपा कार्यकर्ता गलत मानते हैं। साधना गोंड ने कहा कि इस घटना से अनुसूचित जनजाति समाज में गहरी पीड़ा और आक्रोश है।


कार्यकर्ताओं ने जताया रोष

प्रदर्शन के दौरान भाजपा और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं हैं।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो आने वाले समय में भाजपा कार्यकर्ता और बड़ा आंदोलन करेंगे।