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वाराणसी में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा में बड़ी चूक: आरक्षित लेन में घुसी सवारियों से भरी बस, मचा हड़कंप

कांवड़ यात्रा की सुरक्षा दावों की खुली पोल: वीआईपी मॉनिटरिंग के बावजूद आरक्षित लेन में घुसा बस

 

वाराणसी। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों की शनिवार शाम पोल खुल गई। मोहनसराय के पास नेशनल हाईवे पर कांवड़ियों के लिए आरक्षित लेन में सवारियों से भरी दो बस अचानक दाखिल हो गई और लगभग 7 किलोमीटर तक दौड़ती रही। आरक्षित मार्ग पर पैदल चल रहे कांवड़ियों के बीच से बस के दौड़ने से अफरा-तफरी मच गई और श्रद्धालुओं की जान पर बन आई।

ड्यूटी से पुलिसकर्मी नदारद, चालक ले उड़ा बस

शनिवार की सायं कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए करीब एक महीने तक आरक्षित लेन में सभी प्रकार के मोटर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। इसके लिए मोहनसराय के पास नेशनल हाईवे पर वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग और पुलिस बलों की 24 घंटे तैनाती का प्रावधान है। हालांकि करीब 7 बजे जब बस मोहनसराय पहुंची, तो वहां बैरिकेडिंग तो लगी थी, लेकिन पुलिस न होने की वजह से लेकिन मौके का फायदा उठाकर बस चालक सवारियों से भरी बस को आरक्षित लेन में ले घुसा।

7 किलोमीटर तक मंडराता रहा खतरा

आरक्षित मार्ग में घुसने के बाद बस चालक ने वाहन अपनी गति से दौड़ाना शुरू कर दिया। सड़क पर उस समय बड़ी संख्या में कांवड़िए गुजर रहे थे, जिन्हें अचानक सामने से आती बस से बचने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। बस करीब 7 किलोमीटर तक निर्बाध दौड़ती रही। आखिरकार, आगे मिर्जामुराद के रखौना रिंग रोड के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर बस को किसी तरह रोका।

हाई-लेवल मॉनिटरिंग पर उठते गंभीर सवाल

वाराणसी में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं पर खुद पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके बावजूद मोहनसराय जैसे प्रमुख पॉइंट पर पुलिस पिकेट का न होना और सवारी बस का 7 किलोमीटर तक आरक्षित लेन में दौड़ते रहना प्रशासनिक निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करता है।