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वाराणसी के गेस्ट हाउस में महाराष्ट्र के परिवार का कारुणिक अंत: बीमारी से पिता की मौत के बाद मां-बेटे ने की खुदकुशी

7 अगस्त को वाराणसी आया था परिवार, बंद कमरे में मिले मां-बेटे के शव

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। धर्मनगरी काशी भ्रमण पर आए महाराष्ट्र के एक परिवार के साथ अत्यंत दुखद और कारुणिक घटना सामने आई है। शहर के लक्सा थाना क्षेत्र स्थित वाची गेस्ट हाउस में ठहरे परिवार के मुखिया की बीमारी के कारण मौत हो गई, जिसके गम और मानसिक तनाव में अगले ही दिन उनकी पत्नी और बेटे ने भी अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। कमरे से पुलिस को जहर (सल्फास) का पैकेट बरामद हुआ है।

7 अगस्त को वाराणसी आया था परिवार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खारगढ़ (पनवेल) निवासी 53 वर्षीय विशाल विनय मुखर्जी, अपनी 50 वर्षीय पत्नी जया मुखर्जी और 29 वर्षीय बेटे ईशान मुखर्जी के साथ गत 7 अगस्त को वाराणसी आए थे। यह परिवार लक्सा स्थित वाची गेस्ट हाउस में रुका हुआ था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विशाल विनय मुखर्जी की तबीयत काफी समय से खराब चल रही थी। रविवार को अचानक उनकी स्थिति बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

बंद कमरे में मिले मां-बेटे के शव

विशाल विनय मुखर्जी का अंतिम संस्कार करने के बाद उनकी पत्नी जया और बेटा ईशान सोमवार सुबह गेस्ट हाउस के कमरे में लौटे थे। देर शाम तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो गेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने उनके फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। कोई जवाब न मिलने पर कर्मचारियों ने तुरंत लक्सा पुलिस को सूचित किया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खोलकर देखा तो अंदर मां और बेटे दोनों मृत अवस्था में पड़े थे। घटना की जानकारी मिलते ही फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए।

आर्थिक तंगी और अकेलापन बनी वजह!

एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि जांच के दौरान कमरे से सल्फास का पैकेट मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने विषैला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है।

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि विशाल मुखर्जी ने किसी कार्य हेतु बैंक या अन्य माध्यम से लोन ले रखा था। लंबी बीमारी के कारण इलाज का खर्च काफी बढ़ गया था और लोन की किस्तें भी चुकता नहीं हो पा रही थीं, जिससे पूरा परिवार गंभीर आर्थिक एवं मानसिक तनाव से गुजर रहा था। पुलिस का मानना है कि अचानक पिता के साए उठ जाने से मां और बेटा पूरी तरह टूट गए और अकेलेपन व मानसिक दबाव के चलते यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

पुलिस ने महाराष्ट्र में दर्ज पते के आसपास के लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन पड़ोसियों ने अनभिज्ञता जताई है। फिलहाल लक्सा पुलिस परिवार के अन्य रिश्तेदारों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है और शवों को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है।