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भगवान राम पर बयान मामला: राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी कोर्ट में सुनवाई, विपक्षी को कॉपी सौंपने के आदेश, 16 सितंबर की तारीख तय

ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम पर कथित विवादित टिप्पणी मामले में MP-MLA कोर्ट में हुई सुनवाई; राहुल गांधी के अधिवक्ता ने दर्ज कराई उपस्थिति।

 

वाराणसी। अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज अर्जी पर बुधवार को वाराणसी की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) / एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से मामले से संबंधित दस्तावेजों की कॉपी दिए जाने की मांग रखी गई। अदालत ने विपक्षी पक्ष को प्रति (कॉपी) उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि तय की है। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता अनुज यादव अदालत में उपस्थित रहे।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वाराणसी के एडवोकेट हरिशंकर पांडेय द्वारा अदालत में दाखिल परिवाद से जुड़ा है। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि 21 अप्रैल 2025 को अमेरिका के बोस्टन में ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ एक बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने भगवान श्रीराम को लेकर आपत्तिजनक बातें कही थीं। आरोप के अनुसार, राहुल गांधी ने भगवान राम को केवल 'पौराणिक व काल्पनिक' चरित्र बताया था, जिससे करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हुई थी रिवीजन दाखिल

इससे पूर्व, 27 मई 2025 को अवर न्यायालय ने इस अर्जी को पोषणीय (Maintainable) न मानते हुए खारिज कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ परिवादी अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने सत्र न्यायालय (Sessions Court) में पुनरीक्षण (Revision) अर्जी दाखिल की थी।

सत्र न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश को निरस्त कर दिया और लोअर कोर्ट को इस मामले पर पुनः नए सिरे से सुनवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के अनुपालन में अब एमपी-एमएलए कोर्ट में मामले की दोबारा सुनवाई चल रही है।