काशी विश्वनाथ धाम में अब फीडबैक के लिए पुलिसकर्मी बनेंगे आम श्रद्धालु, भक्तों से विनम्र व्यवहार पर जोर
पुलिस का ‘सॉफ्ट स्किल’ प्रशिक्षण पूरा, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल बोले— “श्रद्धालुओं को मेहमान समझ करें ड्यूटी”
वाराणसी,भदैनी मिरर। काशी विश्वनाथ धाम में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय “सॉफ्ट स्किल” प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यशाला का समापन सोमवार को त्रयंबकेश्वर हॉल में हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसिंग में सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता को मजबूत करना रहा।
“श्रद्धालुओं को मेहमान समझ करें ड्यूटी”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति सम्मानजनक और विनम्र व्यवहार भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को अपना मेहमान समझकर ड्यूटी करें और हर परिस्थिति में धैर्य और संयम बनाए रखें।
अब श्रद्धालु बनकर लिया जाएगा फीडबैक
पुलिस आयुक्त ने एक नई पहल की घोषणा करते हुए कहा कि मंदिर में पुलिस व्यवहार का वास्तविक आकलन करने के लिए हर सप्ताह पुलिसकर्मियों को श्रद्धालु बनाकर भेजा जाएगा।
ये कर्मी आम भक्तों की तरह व्यवस्था का अनुभव करेंगे और अपनी रिपोर्ट देंगे, जिससे सुधार की दिशा तय की जा सके।
विशेषज्ञों ने दिया व्यवहारिक प्रशिक्षण
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मुंबई स्थित Oyster HR Solutions Pvt. Ltd. की विशेषज्ञ टीम ने किया। टीम में पूजा कृष्णा (CMD एवं लीडरशिप एक्सपर्ट), दीपशिखा शर्मा (लाइफ कोच) और अंजलि मिश्रा (सहायक प्रशिक्षक) शामिल रहीं, जिन्हें समापन पर सम्मानित किया गया।
क्या सिखाया गया प्रशिक्षण में
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यवहारिक जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं:
- नागरिक-केन्द्रित पुलिसिंग और संवेदनशील व्यवहार
- श्रद्धालुओं से सम्मानजनक संवाद और सकारात्मक भाषा का प्रयोग
- भीड़ प्रबंधन और तीर्थस्थलों पर व्यवस्था संचालन
- तनावपूर्ण परिस्थितियों में संतुलित और संयमित प्रतिक्रिया
- मीडिया और जनसमूह के साथ प्रभावी संवाद
कार्यशाला में समूह अभ्यास, भूमिका-अभिनय और संवाद आधारित गतिविधियों के जरिए पुलिसकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया।
व्यवहार से बनती है पुलिस की छवि
अधिकारियों ने कहा कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच पुलिस का व्यवहार ही प्रशासन की छवि को दर्शाता है। कठोर या असंवेदनशील भाषा जहां असंतोष पैदा कर सकती है, वहीं विनम्र और सकारात्मक संवाद तनावपूर्ण माहौल को भी सहज बना सकता है।
समापन कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।