Kashi Vishwanath Dham: सावन में नहीं मिलेगा कोई VIP प्रोटोकॉल, महाकुंभ की तर्ज पर होगी सुरक्षा व्यवस्था
काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, सावन मेले की तैयारियों का लिया जायजा; एटीएस और पैरामिलिट्री फोर्स संभालेंगी मोर्चा।
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): सावन के पावन महीने में काशी आने वाले लाखों शिवभक्तों के लिए बड़ी खबर है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के प्रत्येक सोमवार को किसी भी तरह का वीआईपी (VIP) प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा। यानी आम भक्तों की तरह ही सभी को कतार में लगकर बाबा के दर्शन करने होंगे। यह साफ निर्देश वाराणसी के पुलिस कमिश्नर (CP) मोहित अग्रवाल ने सोमवार को विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद दिए।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने धाम के गेट नंबर-4 और मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं को कम से कम समय में और बेहद सुगमता से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कराना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महाकुंभ की तर्ज पर होगा क्राउड मैनेजमेंट
इस बार सावन में काशी आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन महाकुंभ की तर्ज पर भीड़ एवं यातायात प्रबंधन (Crowd and Traffic Management) की रूपरेखा तैयार कर रहा है। सीपी ने बताया कि प्रवेश और निकास द्वारों पर इस तरह बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है जिससे श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में न फंसना पड़े और भीड़ का दबाव एक जगह न बने।
एटीएस और पैरामिलिट्री फोर्स की होगी तैनाती
सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन कोई ढील नहीं छोड़ना चाहता। निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर ने मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि:
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धाम की सुरक्षा के लिए पीएसी (PAC), पैरामिलिट्री फोर्स और एटीएस (ATS) के कमांडो तैनात किए जाएंगे।
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बलों की तैनाती के लिए खास पॉइंट चिन्हित कर लिए गए हैं।
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परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की मैपिंग की गई है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा जाएगा खास ख्याल
सावन के महीने में देश-विदेश से आने वाले कांवरियों और भक्तों के लिए केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उनकी सुविधाओं को भी बेहतर किया जा रहा है। कतारों में खड़े भक्तों के लिए पेयजल, छांव और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है, ताकि तपती धूप और उमस में भी श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।