श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर निखरेगी काशी: नगर निगम मुस्तैद, प्रमुख मंदिरों और जुलूस मार्गों पर तैनात होंगे अतिरिक्त सफाई कर्मी
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश; बंद स्ट्रीट लाइटें होंगी दुरुस्त, सड़कों का पैचवर्क और जलभराव वाले क्षेत्रों की होगी विशेष मॉनिटरिंग।
वाराणसी (भदैनी मिरर): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर शिव की नगरी काशी में भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। त्योहार के दौरान शहर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए नगर निगम वाराणसी ने स्वच्छता, सड़क मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अभियान तेज कर दिया है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने निगम के विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयोजन से पूर्व सभी नागरिक सुविधाएं चाक-चौबंद होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख मंदिरों व जुलूस मार्गों पर तैनात होंगे अतिरिक्त सफाई कर्मी
नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि जन्माष्टमी के दौरान शहर के सभी प्रमुख श्रीकृष्ण मंदिरों, धार्मिक स्थलों, झांकियों और जुलूस के निर्धारित मार्गों पर सैनिटेशन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए।
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विशेष सफाई अभियान: प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित कूड़ा उठान और नालियों की तली-झाड़ सफाई कराई जाएगी।
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अतिरिक्त मैनपावर: आवश्यकतानुसार संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में अतिरिक्त सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
सड़कों का पैचवर्क और स्ट्रीट लाइटें होंगी दुरुस्त
श्रद्धालुओं के आवागमन को सुलभ बनाने के लिए नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों का पैचवर्क त्वरित गति से पूरा करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, शहर की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि रात के समय श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जलभराव और गंदगी वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन इलाकों में पूर्व में जलभराव या बजबजाती गंदगी की शिकायतें रही हैं, वहां विशेष मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों और अधीनस्थों को कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर उतरकर व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करने की सख्त हिदायत दी है, ताकि त्योहार के दौरान शहर में कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।