काशी: ज्ञानवापी में नमाज पर रोक और परंपराओं की बहाली की मांग, शिवसेना ने मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन
ज्ञानवापी में सावन भर नमाज पर लगे रोक, प्राचीन सनातन परंपराओं की हो बहाली: शिवसेना ने मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी (भदैनी मिरर)। सावन के पवित्र महीने में काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी परिसर को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त (मण्डलायुक्त महोदय) को एक ज्ञापन सौंपकर सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम समुदाय द्वारा अदा की जाने वाली नमाज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके साथ ही, संगठन ने प्राचीन सनातनी परंपराओं—जैसे जलाभिषेक और मां श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन—पर लगे प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह किया है।
सनातनी परंपराओं की उपेक्षा का लगाया आरोप
शिवसेना के राज्य उप प्रमुख और मंडल प्रभारी (वाराणसी) अजय चौबे द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में कहा गया है कि ज्ञानवापी परिसर में श्री आदिविशेश्वरनाथ महादेव विराजमान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं—जैसे गोस्वामी तुलसीदास जी के समय से चली आ रही यादव बंधुओं द्वारा गर्भगृह में जलाभिषेक की परंपरा और मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन—पर प्रशासन द्वारा रोक लगाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर परिसर में नमाज की अनुमति जारी है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मां श्रृंगार गौरी का दर्शन-पूजन साल में केवल एक बार (नवरात्र की चतुर्थी) ही करने दिया जाता है। शिवसैनिकों का कहना है कि जब दर्शनार्थी और कांवरिये कतारबद्ध होकर दर्शन का इंतजार करते हैं, तब नमाजियों के आवागमन से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं।
मांगें पूरी न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुलाब दुबे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि काशी सनातन संस्कृति का केंद्र रही है और शिवसेना पिछले कई दशकों से सावन माह में धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा और संवर्धन के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने स्पष्ट किया:
"यदि हमारे सनातन धर्म और प्राचीन परंपराओं पर आंच आएगी, तो शिवसेना अपने पारंपरिक तेवर में इसका विरोध करेगी। हम हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हिंदुत्व की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
गुलाब दुबे ने कहा कि फिलहाल संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया है। यदि मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्राधिकारी इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेते हैं, तो शिवसेना पूरे उत्तर प्रदेश में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
ज्ञापन देने के दौरान प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुलाब दुबे और राज्य उप प्रमुख अजय चौबे के अलावा जिला प्रमुख अजय सिंह, महानगर प्रमुख सतीश शर्मा, महानगर उप प्रमुख प्रदीप पांडेय, महानगर उप प्रमुख राजेश शर्मा, विनोद यादव, अनीश सिंह, राजेश भारती, सोनू सेठ, दिलीप गुप्ता सहित कई प्रमुख शिवसैनिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।