देश के सबसे बड़े एयर शो की मेजबानी को तैयार काशी: 30 लाख दर्शकों के आगमन की संभावना, अफसरों ने घाटों और प्रमुख स्थलों का किया स्थलीय निरीक्षण
क्राउड मैनेजमेंट, रूट डायवर्जन और पार्किंग को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश; CCTV व ड्रोन से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी में आगामी 22, 23 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित देश के सबसे बड़े और भव्य एयर शो की तैयारियों को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस ऐतिहासिक आयोजन में लगभग 30 लाख श्रद्धालुओं और दर्शकों के जुटने की संभावना के मद्देनजर शनिवार को पुलिस आयुक्त (कमिश्नरेट वाराणसी) श्री मोहित अग्रवाल ने प्रमुख घाटों, चौराहों और संपर्क मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त वाराणसी, जिलाधिकारी वाराणसी, जिलाधिकारी चंदौली सहित पुलिस व प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
90 मिनट तक गूंजेगा आसमान, सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
एयर शो के दौरान भारतीय सेना के विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों और एयरक्राफ्ट द्वारा गंगा के आसमान में लगभग 90 मिनट तक हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाए जाएंगे। गंगा नदी के दोनों तटों से लाखों लोगों की उपस्थिति को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को पूर्व में ही एक ठोस और विस्तृत Crowd Management Plan (भीड़ प्रबंधन योजना) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
घाटों और दर्शक क्षेत्रों में बनेंगे पृथक प्रवेश-निकास द्वार
सीपी मोहित अग्रवाल ने पड़ाव चौराहा, रामनगर बाईपास, टेंगरा मोड़, डोमरी गंगा घाट, कोदोपुर घाट और पड़ाव से संदहा रिंग रोड तक के मार्गों का गहन जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि:
* सभी प्रमुख घाटों और दर्शक स्थलों पर प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग मार्ग बनाए जाएं।
* भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया, क्यू (लाइन) मैनेजमेंट और पैदल आवागमन के लिए सुरक्षित मार्ग तय किए जाएं।
* किसी भी स्थान पर अचानक भीड़ एकत्रित न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे और सेक्टर/जोनवार व्यवस्था लागू की जाए।
सुगम यातायात और पार्किंग व्यवस्था का खाका
30 लाख लोगों के आगमन को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को ध्वस्त होने से बचाने के लिए व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा।
* ट्रैफिक डायवर्जन: मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिह्नित कर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। डायवर्जन प्लान का पहले से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
* नो-अनधिकृत पार्किंग: गंगा तट के दोनों ओर निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग होगा। मुख्य मार्गों, संपर्क मार्गों और आपातकालीन (Emergency) रास्तों पर किसी भी सूरत में अनियंत्रित पार्किंग की अनुमति नहीं होगी।
जल पुलिस, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
* नदी क्षेत्र में सुरक्षा सीमा (बैरिकेडिंग) तय की जाएगी ताकि कोई भी असुरक्षित क्षेत्र में न जाए।
* संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले इलाकों में CCTV कैमरों, ड्रोन और QRT (Quick Response Team) के जरिए कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।
बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि महिला, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा व सुरक्षा में कोई कोर-कसर न छोड़ी जाए। प्रमुख दर्शक स्थलों पर 'सहायता डेस्क' और स्पष्ट संकेतक (Signages) लगाए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने बड़े आयोजन को सुगम और सुरक्षित बनाना प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-समय पर मॉक ड्रिल करके व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।