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काशी रोपवे: नोडल अधिकारी डॉ. राज शेखर ने DM संग 'गोंडोला' में सवार होकर परखा रूट

वाराणसी के नोडल अधिकारी और जिलाधिकारी ने कैंट से गोदौलिया तक रोपवे का लिया जायजा; गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ शेष कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश।

 

भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: काशी में बन रहे देश के पहले और दुनिया के तीसरे अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सोमवार को उत्तर प्रदेश के नियोजन सचिव, महानिदेशक (अर्थ एवं संख्या) व जिले के नोडल अधिकारी डॉ. राज शेखर ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के साथ रोपवे परियोजना की प्रगति और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

कैंट से गोदौलिया तक गोंडोला में बैठकर किया ट्रायल निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. राज शेखर और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार कैंट स्टेशन से रोपवे की केबिन (गोंडोला) में सवार हुए और गोदौलिया तक यात्रा कर व्यवस्थाओं को धरातल पर परखा। इस दौरान अधिकारियों ने पूरे रूट, केबिन की सुरक्षा और स्टेशनों की तैयारियों का भौतिक सत्यापन किया। नोडल अधिकारी ने कार्यदायी संस्था और संबंधित अफसरों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बचे हुए निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।

काशी रोपवे प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:

  • देश का पहला शहरी रोपवे: यह भारत का पहला और दुनिया का तीसरा ऐसा अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे है, जो शहर के घने ट्रैफिक को राहत देगा।

  • सफर का समय घट जाएगा: लगभग 3.75 से 3.85 किलोमीटर की दूरी तय करने वाला यह रोपवे कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौक तक का सफर महज 15 मिनट में पूरा कराएगा।

  • कुल 5 आधुनिक स्टेशन: इस पूरे रूट पर 5 प्रमुख स्टेशन बनाए जा रहे हैं—

    1. वाराणसी कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन

    2. काशी विद्यापीठ

    3. रथयात्रा

    4. गिरजाघर

    5. गोदौलिया चौक

रोड ट्रैफिक के दबाव को कम करने और काशी आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं व पर्यटकों को सुगम परिवहन सेवा देने के उद्देश्य से इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर पूरा कराया जा रहा है।