निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ काशी अभिभावक संघ का हल्लाबोल, री-एडमिशन और महंगी किताबों के नाम पर लूट का मुद्दा गरमाया
गोपनीय रहेगी शिकायतकर्ता की पहचान, बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर भी गिरेगी गाज
वाराणसी: निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों की जेब पर डाले जा रहे अतिरिक्त बोझ और मनमानी फीस वसूली के खिलाफ काशी अभिभावक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार (15 अप्रैल 2026) को संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी वाराणसी से मुलाकात कर निजी स्कूलों की 'लूट' के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा और जल्द कार्यवाही न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
कानून की धज्जियां उड़ा रहे स्कूल: डॉ. शम्मी कुमार सिंह
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और अधिवक्ता डॉ. शम्मी कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा साल 2018 में लागू 'स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क का निर्धारण) अध्यादेश' का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर निर्धारित शुल्क संरचना प्रकाशित करनी थी, लेकिन इसके विपरीत अनर्गल फीस वसूली जा रही है।
अधिवक्ता राजन पांडेय और अभिषेक गोलू श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि री-एडमिशन फीस की मनाही के बावजूद स्कूलों में वसूली जारी है। साथ ही, एनसीईआरटी (NCERT) की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें, स्टेशनरी, ड्रेस और कल्चरल टूर के नाम पर अभिभावकों से हजारों-लाखों रुपये वसूले जा रहे हैं।
बिना मान्यता चल रहे स्कूलों और RT-E पर उठाए सवाल
अधिवक्ता आयुष्मान चंद्र राजपूत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में कई स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। वहीं, शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत 25 प्रतिशत गरीब बच्चों के निःशुल्क एडमिशन के बजाय उनसे भी शुल्क वसूला जा रहा है।
जिलाधिकारी का कड़ा रुख: 'हमें दें सूची, हम करेंगे कार्रवाई'
शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी वाराणसी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन जल्द ही एक सख्त निर्देश जारी करेगा। डीएम ने कहा कि:
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री-एडमिशन फीस और स्टेशनरी के नाम पर लूट करने वाले स्कूलों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
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बार-बार उल्लंघन करने पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जाएगी।
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शिकायत करने वाले अभिभावकों और बच्चों के नाम पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे।
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बिना मान्यता चल रहे स्कूलों की सूची मिलते ही उन पर तत्काल दंडात्मक कार्यवाही होगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता राजेश राजपूत, अंकुर सिंह, अंकित पांडेय, ठाकुर कुश प्रताप, जितेंद्र सिंह, रोहित पाण्डेय, अंकित सेठ, राहुल, देवेंद्र पांडेय, राहुल नागवानी सहित दर्जनों सदस्य उपस्थित रहे।