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राम मंदिर आस्था पर डकैती डालने वालों को जेल भेजेगी करणी सेना, यूपी की 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान: वीर प्रताप सिंह

काशी की पावन भूमि से करणी सेना के संगठन महामंत्री वीर प्रताप सिंह की हुंकार; बोले— योगी जी को साइडलाइन करने की कोशिश की तो केंद्र खुद साइडलाइन हो जाएगा।

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के उत्तर प्रदेश संगठन महामंत्री वीर प्रताप सिंह रविवार को काशी की पावन भूमि पर पहुंचे। वाराणसी इकाई की एक अहम बैठक में शामिल होने के बाद उन्होंने आगामी चुनाव, राम मंदिर विवाद, युवाओं के रोजगार और स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रदेश व केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। वीर प्रताप सिंह ने साफ किया कि अब करणी सेना सिर्फ वोटर बनकर नहीं रहेगी, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव में कम से कम 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी

"आस्था पर डकैती बर्दाश्त नहीं, दोषियों के मुंह पर कालिख पोतेगी करणी सेना"

राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी और अनियमितताओं के मुद्दे पर वीर प्रताप सिंह ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा:

"अयोध्या में प्रभु श्री राम की आस्था पर डकैती डाली गई है। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सूरजपाल अमू जी लगातार इस मुद्दे पर बैठकें और प्रेस वार्ता कर रहे हैं। हमने सीओ और डीएम को ज्ञापन देकर पारदर्शिता के साथ एसआईटी (SIT) जांच की मांग की है। कुछ लोग जांच के दौरान पदों पर बैठे रहे और इस्तीफे का नाटक किया गया। करणी सेना दोषियों को ढूंढेगी, जेल भेजेगी और उनके मुंह पर कालिख पोतेगी।"

उन्होंने इस मुद्दे पर साधु-संतों के मौन रहने पर भी दुख जताया और कहा कि शंकराचार्य जैसे सम्मानित पदों पर बैठे लोग कभी-कभी राजनीतिक दलों की गोद में जाकर बैठ जाते हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

"योगी जी को साइडलाइन किया, तो यूपी से खुद साइडलाइन हो जाएगी केंद्र सरकार"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गंभीरता पर पूछे गए सवाल पर वीर प्रताप सिंह ने कहा कि सीएम योगी के साथ राजनीति खेली जा रही है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण में पूरी गंभीरता दिखाई, लेकिन अब उन्हें मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। केंद्र की समिति में बैठे लोग उन्हें साइडलाइन करने की तैयारी में हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि अगर उन्होंने योगी जी को साइडलाइन किया, तो वे खुद उत्तर प्रदेश से साइडलाइन हो जाएंगे।

इन्वेस्टर समिट ढोंग, नीट पेपर लीक पर युवाओं में आक्रोश

युवाओं के रोजगार और उत्तर प्रदेश में हुए इन्वेस्टर समिट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि धरातल पर कुछ नहीं हुआ। करोड़ों रुपये दिखावे में स्वाहा कर दिए गए, लेकिन युवाओं को कोई रोजगार नहीं मिला। नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक मामले ने युवाओं को पूरी तरह तोड़ दिया है। 2027 के चुनाव में ये सभी मुद्दे सरकार पर भारी पड़ेंगे।

स्थानीय मुद्दों पर आंदोलन की तैयारी: काशी विश्वनाथ मंदिर और बिजली कटौती पर चेतावनी

करणी सेना की इस बैठक में वाराणसी के स्थानीय मुद्दों पर भी गहन मंथन हुआ और प्रशासन को चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी गई:

  • काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता: करणी सेना ने मांग की है कि काशी के मूल निवासियों और बुजुर्गों के लिए बाबा विश्वनाथ के सुगम दर्शन हेतु अलग कतार या विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें घंटों धूप और उमस में खड़ा न होना पड़े।

  • अघोषित बिजली कटौती पर अल्टीमेटम: शहर में जारी भीषण बिजली कटौती पर नाराजगी जताते हुए बिजली विभाग को चेतावनी दी गई कि यदि अविलंब आपूर्ति नहीं सुधरी, तो करणी सेना सड़कों पर उग्र प्रदर्शन करेगी।

  • मथुरा-वृंदावन भी रहें सतर्क: राम मंदिर विवाद का हवाला देते हुए करणी सेना ने कहा कि काशी विश्वनाथ के साथ-साथ मथुरा-वृंदावन देवस्थानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है ताकि आस्था के नाम पर कोई घोटाला न हो सके।

बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद: इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री वीर प्रताप सिंह के साथ जिलाध्यक्ष मंगलेश त्रिपाठी, वाराणसी जिला संगठन महामंत्री राहुल त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन सिंह, मीडिया प्रभारी पूजा सिंह (नीलू), महामंत्री अंकित मिश्रा, अधिवक्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शुभम सिंह (सीनू), मंत्री शुभम यादव, सोनम सिंह, महिला शक्ति की प्रदेश उपाध्यक्ष तनुजा सिंह एवं दीपा सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।