जितिया व्रत 2026: राजा जीमूतवाहन, चील-सियार की कथा सुन माताओं ने रखा 36 घंटे का निर्जला व्रत, वाराणसी के घाटों और मंदिरों में उमड़ी भीड़
संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना, शिवपुर के आल्हा-काल्हा मंदिर पर जुटी भारी भीड़
वाराणसी (भदैनी मिरर)। संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और जीवन पर आने वाले हर संकट से रक्षा की कामना को लेकर रखा जाने वाला जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) पर्व शनिवार को वाराणसी जिलेभर में अपार श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। माताओं ने 36 घंटे का अत्यंत कठिन निर्जला उपवास रखकर अपने पुत्रों की सलामती की प्रार्थना की। इस अवसर पर काशी के प्रमुख गंगा घाटों, कुंड-सरोवरों और ऐतिहासिक मंदिरों में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।
गलियों में मछली दर्शन से हुई दिन की शुरुआत
शनिवार सुबह से ही वाराणसी की गलियों में मछली का दर्शन कराने वालों की पुकार गूंजती रही। मान्यता अनुसार व्रती महिलाओं ने मछली के दर्शन कर दान-दक्षिणा दी। इसके बाद गंगा स्नान और विधि-विधान से पूजन कर व्रत का संकल्प लिया।
घाटों और तालाबों पर गूंजे मंगलगीत, जीमूतवाहन कथा का श्रवण
शाम होते ही हाथों में पूजन की थाली और मुख पर भक्तिभाव लिए व्रती महिलाएं पूजन स्थलों की ओर निकल पड़ीं। अस्सी घाट, वरुणा तट, विभिन्न कुंडों, तालाबों और पूजा स्थलों पर महिलाओं की भारी भीड़ रही। गाजे-बाजे और मंगलगीतों के बीच महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राजा जीमूतवाहन तथा चील-सियार की पौराणिक कथा सुनी।
शिवपुर के ऐतिहासिक आल्हा-काल्हा तालाब पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
व्रत को लेकर शिवपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक आल्हा-काल्हा तालाब मंदिर परिसर में असीम उत्साह देखा गया। सुबह से ही यहाँ महिलाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूजा-अर्चना के दौरान पूरे परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
व्रत के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा किए रूबी पटेल (परमानंदपुर) ने कहा कि - "अपने बच्चों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में सफलता की कामना के साथ यह व्रत रखा है।" वहीं निशा सिंह (लोहता) ने बताया कि "बच्चों के सुखी जीवन, तरक्की और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना के लिए हम हर वर्ष यह कठिन निर्जला उपवास रखते हैं।" अन्य व्रती कुसुम सिंह ने कहा कि "परिवार के सभी पुत्रों और सदस्यों की लंबी आयु और सलामती के लिए यह व्रत रखा जाता है, जिससे घर-परिवार पर आने वाले सभी संकट दूर होते हैं।"
मुस्तैद रही पुलिस, शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ पूजन
आल्हा-काल्हा तालाब मंदिर और अन्य भीड़भाड़ वाले पूजा स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शिवपुर थाना पुलिस बल लगातार क्षेत्रों में गश्त करता नजर आया, जिससे व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय निवासी सोनी सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से सभी माताओं ने अत्यंत सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में अपनी पूजा-अर्चना संपन्न की।